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Amarnath Yatra On Spot Registration: अमरनाथ यात्रा एक जुलाई से शुरू हो रही है. इससे पहले प्रशासन ने अमरनाथ गुफा मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. हिमालय क्षेत्र में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए साधुओं सहित 1,500 से अधिक तीर्थयात्री जम्मू शहर पहुंच चुके हैं. गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा सबसे दुर्गम यात्राओं में से एक मानी जाती है. हर साल हजारों की संख्या में यहां श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए आते हैं.
शहर के शालीमार क्षेत्र में अपंजीकृत तीर्थयात्रियों के लिए मौके पर ही पंजीकरण के वास्ते केंद्र स्थापित किया गया है, वहीं पुरानी मंडी स्थित राम मंदिर परिसर में साधुओं के पंजीकरण के लिए एक विशेष शिविर स्थापित किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, 1000 से अधिक तीर्थयात्री आगे की यात्रा के लिए यहां भगवती-नगर आधार शिविर पहुंच चुके हैं. 62 दिन की अमरनाथ यात्रा दो मार्गों से होगी.
अमरनाथ यात्रा का पहला रूट अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे मार्ग, नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से शुरू होगी. उपमंडल मजिस्ट्रेट नर्गेश सिंह ने पीटीआई-भाषा को बताया कि देश के सभी हिस्सों से आने वाले गैर-पंजीकृत तीर्थयात्रियों का पंजीकरण यहां काउंटर पर मौके पर ही शुरू हो गया है. तहसीलदार जय सिंह ने कहा, "जम्मू में साधुओं का पंजीकरण आज से शुरू हो गया है. साधुओं को सर्वोत्तम संभव सुविधाएं देने के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं.'
उत्तर प्रदेश के संजीव कुमार ने कहा कि वह चौथी बार अमरनाथ यात्रा कर रहे हैं. उत्तराखंड स्थित यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की चारधाम यात्रा पूरी करने के बाद साधु यहां पहुंचे हैं. वहीं, एक अन्य तीर्थयात्री रमेश चंद्र गिरि ने कहा, "हम यहां पंजीकरण के लिए आए हैं, जो आज से शुरू हुआ...यह छठी बार है, जब मैं अमरनाथ जा रहा हूं."