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गणतंत्र दिवस के लिए 26 जनवरी की तारीख को ही क्यों चुना गया, क्या कभी आपके दिमाग में आया ये सवाल?
Republic Day Interesting Facts: गणतंत्र दिवस (Republic Day) आने वाला है. हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है. इस दिन हमारे देश का संविधान लागू हुआ था. देशभर में इसे राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाया जाता है. कई दिन पहले से इसकी तैयारियां शुरू हो जाती हैं. राजधानी दिल्ली के कर्तव्यपथ पर होने वाला परेड (Republic Day Parade) गणतंत्र दिवस का मुख्य आकर्षण होता है. हर साल इस मौके पर दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया जाता है और गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया जाता है. लेकिन इन सब के बीच क्या कभी आपके दिमाग में ये सवाल आया है कि आखिर गणतंत्र दिवस मनाने के लिए 26 जनवरी की तारीख को ही क्यों चुना गया? आइए आपको बताते हैं.
दरअसल भारत में आज स्वतंत्रता दिवस भले ही 15 अगस्त को मनाया जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि वर्ष 1947 से पहले इसे 26 जनवरी को मनाया जाता था. 31 दिसंबर, 1929 को कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में एक प्रस्ताव पारित हुआ था. इस प्रस्ताव में यह मांग की गई थी कि अगर ब्रिटिश सरकार ने 26 जनवरी 1930 तक भारत को उपनिवेश (डोमीनियन स्टेट) का दर्जा नहीं दिया तो भारत को पूर्ण स्वतंत्र घोषित कर दिया जाएगा. इसके बाद पहली बार स्वतंत्रता दिवस 26 जनवरी, 1930 को मनाया गया और इस दिन तिरंगा भी फहराया गया था.
जब देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ तो आधिकारिक रूप से स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को मनाया गया. लेकिन 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव लागू हुआ था, इसलिए ये तिथि स्वतंत्रता सेनानियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण थी. इस तिथि को महत्व देने के लिए 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू किया गया और इस दिन को गणतंत्र दिवस घोषित किया गया. जबकि भारत का संविधान 26 नवंबर, 1949 में बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका था.
26 जनवरी 1950 में भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के साथ झंडा फहराया था और भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया था. तब से हर साल इस दिन गणतंत्र दिवस मनाया जाता है और देश के राष्ट्रपति इस दिन कार्यक्रम में शामिल होकर झंडा फहराते हैं.
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