National Youth Day 2024: युवाओं की पूरी लाइफ को बदल सकते हैं स्‍वामी विवेकानंद के ये विचार

Swami Vivekananda Jayanti: विवेकानंद ने मात्र 39 साल तक ही जीवन जीया, लेकिन जितना भी जीवन था, उसमें देश के लिए इतना कुछ किया कि वो युवाओं की प्रेरणा बन गए. उनके विचार आज भी लोगों को सकारात्‍मक ऊर्जा से भर देते हैं.
National Youth Day 2024: युवाओं की पूरी लाइफ को बदल सकते हैं स्‍वामी विवेकानंद के ये विचार

Swami Vivekananda Inspirational Quotes on National Youth Day: हर साल 12 जनवरी को नेशनल यूथ डे (National Youth Day) के तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है. 12 जनवरी 1863 को स्‍वामी विवेकानंद का जन्‍म कोलकाता में हुआ था. विवेकानंद का बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था. उन्‍हें स्‍वामी विवेकानंद नाम उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस ने दिया था. स्‍वामी विवेकानंद ने बहुत लंबा जीवन तो नहीं जीया, लेकिन जितना भी जीया, उसमें उन्‍होंने देश के लिए इतना कुछ कर दिया कि वो हमेशा के लिए लोगों की प्रेरणा के स्रोत बन गए. स्‍वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं की तकदीर बदल सकते हैं. आज राष्‍ट्रीय युवा दिवस के मौके पर जानिए उनके अनमोल विचार-

स्‍वामी विवेकानंद के विचार

- सफल होने का एक ही तरीका है. एक विचार लो, उस विचार को अपना जीवन बना लो, उसे बारे में सोचो, उसके सपने देखो, उस विचार को जीयो. अपने मस्तिष्क, मांसपेशियों, नसों, शरीर के हर हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो और बाकी सभी विचार को किनारे रख दो.

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- एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ.

- उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए.

- जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक उसी समय पर उसे करना ही चाहिये, नहीं तो लोगो का विश्वास उठ जाता है

- ब्रह्मांड की सभी शक्तियां हमारे अंदर हैं. यह हम ही हैं जिन्होंने अपनी आंखों के सामने हाथ रखा है और रोते हुए कहा कि अंधेरा है.

- इस दुनिया में सभी भेद-भाव किसी स्तर के हैं, न कि प्रकार के, क्योंकि एकता ही सभी चीजों का रहस्य है.

- अगर धन दूसरों की भलाई करने में मदद करे, तो इसका कुछ मूल्य है, अन्यथा, ये सिर्फ बुराई का एक ढेर है, और इससे जितना जल्दी छुटकारा मिल जाये उतना बेहतर है.

- सच को कहने के हजारों तरीके हो सकते हैं और फिर भी सच तो वही रहता है.

- जितना हम दूसरों के साथ अच्छा करते हैं उतना ही हमारा हृदय पवित्र हो जाता है और भगवान उसमें बसता है.

- सबसे बड़ा धर्म है अपने स्वभाव के प्रति सच्चा होना. स्वयं पर विश्वास करो.

- स्वयं में विश्वास करना और अधिक विस्तार से पढाया और अभ्यास कराया गया होता, तो मुझे यकीन है कि बुराइयों और दुःख का एक बहुत बड़ा हिस्सा गायब हो गया होता.

- हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्‍यान रखिए कि आप क्या सोचते हैं. शब्द गौण हैं, विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं.

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