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Ind Vs Aus, World Cup 2023: भारतीय टीम को आईसीसी विश्व कप फाइनल में रविवार को ऑस्ट्रेलिया से छह विकेट की हार का सामना करना पड़ा. पिछले 10 साल में आईसीसी नॉक आउट मुकाबलों में टीम इंडिया के हार का सिलसिला जारी है. वनडे विश्व कप में शुरुआती 10 मैचों में दमदार जीत दर्ज करने के बाद करोड़ों प्रशंसक विश्व कप में भारतीय जीत की आस लगाये बैठे थे. टीम को एक बार फिर फाइनल में निराशा हाथ लगी. इस हार के बाद क्रिकेट फैंस का एक तबका टीम को ‘चोकर्स’ (अहम मैचों में हारने वाली टीम) का तमगा देने लगा है. हालांकि, कई मनोवैज्ञानिक इससे सहमत नहीं है. मनोवैज्ञानिकों ने इसे खेल के मैदान में महज एक खराब दिन करार दिया है.
आईसीसी के खिताबी और नॉकआउट मैचों में लगातार लचर प्रदर्शन के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह भारतीय टीम के लिए एक खराब दिन था या खिलाड़ी वाकई में ऐसे मुकाबलों में ‘चोक’ कर रहे हैं. खेल मनोवैज्ञानिक गायत्री वर्तक ने कहा कि यह दबाव में बिखरने वाला मसला नहीं है. ऑस्ट्रेलिया उस दिन बेहतर रणनीति के साथ मैदान पर उतरा था. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि टीम कहीं से भी मानसिक रूप से बिखरी हुई दिखी. मुझे नहीं लगता कि वे दबाव में प्रदर्शन नहीं कर सके.’
गायत्री वर्तक ने कहा, ‘वे सभी टूर्नामेंट में सकारात्मक रूप से आए और फाइनल तक शानदार प्रदर्शन किया. एक खिलाड़ी के रूप में आपके जेहन में पिछले मैच की यादें रहती है, ना कि तीन साल पहले खेला गया मैच. यहां पिछला मैच सेमीफाइनल था जिसमें टीम ने जीत दर्ज की थी.’ फोर्टिस अस्पताल की खेल मनोवैज्ञानिक दीया जैन ने कहा कि बड़े मैच का दबाव शीर्ष खिलाड़ियों पर भारी पड़ सकता है लेकिन भारत के प्रदर्शन का जश्न मनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी टीम का दिन खराब हो सकता है, इसे स्वीकार करना और इससे सीखना महत्वपूर्ण है.
दीया जैन ने आगे कहा, 'ऑस्ट्रेलिया के पास एक योजना थी और वे उस पर कायम रहे, खुद पर विश्वास किया और उन्होंने चीजों को नियंत्रण में रखा. बड़े मैचों का दबाव एक नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, और मानसिक तैयारी महत्वपूर्ण है. यह विश्लेषण का समय नहीं है, बल्कि जश्न मनाने का समय है. विश्व कप फाइनलिस्ट बनना और लगातार 10 मैच जीतना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है.भारत में क्रिकेट खिलाड़ियों का रुतबा किसी बड़े नायक की तरह है. कई प्रशंसक इन खिलाड़ियों की पूजा भी करते हैं और उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब रहते हैं.'
गायत्री वर्तक ने कहा, ‘खिलाड़ियों के लिए भारतीय प्रशंसक किसी ईंधन के रूप में कार्य करते हैं. उनका जुड़ाव बहुत भावनात्मक होता है. वे आलोचनात्मक हो सकते हैं लेकिन वे बहुत सहायक भी होते हैं. प्रशंसकों का व्यवहार हमें बताता है कि आम तौर पर वे अपने खिलाड़ियों की पूजा करते हैं.’
भारत ने अपना पिछला आईसीसी खिताब 2013 चैम्पियंस ट्रॉफी महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में जीता था. टीम को इसके बाद आईसीसी के पांच फाइनल और चार सेमीफाइनल मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा. साल 2014 टी20 फाइनल, साल 2017 चैंपियन्स ट्रॉफी फाइनल, साल 2021 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप, 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और अब 2023 विश्वकप फाइनल में हार मिली है.