अलादीन के पास चिराग था, हमारे पास गूगल है. गर्व होता है ना? क्योंकि, गूगल ने हमारी सारी प्रॉब्लम ही सॉल्व कर दी. गूगल न होता तो शायद ज्यादातर लोग सिर्फ इस उलझन में रहते हैं कि पहले मुर्गा आया या अंडा? हालांकि, इसका जवाब गूगल पर भी नहीं है. अलग-अलग तर्क अलग-अलग बातें साबित करते हैं. इसलिए इस उलझन से निकलिए और जरा सोचिए बिना गूगल के आपकी जिंदगी कैसी होगी?
1/12अगर गूगल न हो तो आपको कोई भी जानकारी ढूंढने में या तो एक-दो दिन लग सकते है या तो महीने. गूगल वो सर्च इंजन है, जिसके बिना शायद जिंदगी अधूरी सी लगती है. कोई सवाल जहन में उठे तो गूगल करते हैं. लेकिन, शायद यह जानकारी खुद गूगल आपको नहीं देगा कि सबकुछ गूगल पर सर्च करना किसी खतरे से खाली नहीं है. क्योंकि, गूगल कोई कंटेट नहीं बनाता है बल्कि यह अलग-अलग वेबसाइट को प्लेटफॉर्म मुहैया कराता है.
2/12आमतौर पर लोग बैंकिंग, हेल्थ, राजनीति, मनोरंजन, फोटो जैसी कई चीजों को गूगल पर सर्च करते हैं. लेकिन, यह सर्च करना कितना सुरक्षित है? जवाब है सुरक्षित नहीं है! अगर आप हर चीज के लिए गूगल सर्च इंजन का सहारा लेते है तो सावधान हो जाए, नहीं तो आपको इसका नुकसान हो सकता है. गूगल पर कौन सी चीजें सर्च करनी चाहिए या नहीं करनी चाहिए. इसकी जानकारी जरूरी है.
3/12डिजिटल युग में लोग ज्यादातर मामलों में Google का सहारा लेते हैं. खासकर बात जब ऑनलाइन बैंकिंग की हो. बैंक की वेबसाइट और URL को सर्च करते हैं. लेकिन, ये सर्च करना आपके लिए खतरे से खाली नहीं है. यहां से आपकी डीटेल्स हैकर्स के हाथ लग सकती हैं. अगर ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करना ही है तो बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट का URL सीधे एंटर करें. Google पर बैंकिंग साइट सर्च करके ओपन करने से दूसरी फिशिंग वेबसाइट भी सामने आ सकती हैं. अनजाने में आप इन वेबसाइट्स को खोल सकते हैं. यहां बैंकिंग डिटेल्स को आप दर्ज करेंगे तो ये हैकर्स के हाथ लग सकता है और आपका अकाउंट में मोटी चपत लग सकती है.
4/12रोजाना हमें कभी बैंक तो कभी मोबाइल कंपनी के कस्टमर केयर नंबर की जरूरत होती है. अक्सर किसी भी शिकायत के लिए हम कस्टमर केयर या हेल्पलाइन नंबर गूगल सर्च करते हैं. यहीं से हैकर्स की नजर में आप आ जाते हैं. हैकर्स बैंक, कंपनियों, मोबाइल कंपनी के फेक हेल्पलाइन नंबर को गूगल सर्च में प्रमोट करते हैं. इसकी वजह से जैसे ही आप कस्टमर केयर नंबर गूगल में सर्च करेंगे, आपको फेक हेल्पलाइन नंबर मिल सकता है. इस नंबर पर कॉल करने पर हैकर आपकी प्राइवेसी में सेंध लगा सकता है.
5/12गूगल पर सबसे ज्यादा ऐप या सॉफ्टवेयर को सर्च किया जाता है. कोई भी नई ऐप के आने पर उसकी सर्चिंग काफी बढ़ जाती है. गूगल सर्च में कई बार फिशिंग या फर्जी ऐप्स और सॉफ्टवेयर भी हो सकते हैं, जो हमारे डिवाइस को नुकसान पहुंचाने के साथ ही हमारी डीटेल्स लीक कर सकते हैं. ऐप को सिर्फ गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करना चाहिए.
6/12अपने फाइनेंस को मैनेज करने के लिए पर्सनल फाइनेंस और स्टॉक मार्केट से जुड़ी कोई भी जानकारी लेने की भूल न करें. जानकारों के मुताबिक, गूगल पर इस तरह का कोई ऑथेंटिक डाटा नहीं होता. ऐसे में आपको फाइनेंस से जुड़ा कोई नुकसान होने या आपकी डीटेल्स चोरी होने का खतरा रहता है.
7/12ऑनलाइन शॉपिंग के युग में सबसे बड़ा खतरा डिस्काउंट का है. कैशबैक के चक्कर में कई तरह के फ्रॉड सामने आ चुके हैं. अक्सर लोग ई-कॉमर्स वेबसाइट पर शॉपिंग से पहले कैशबैक कूपन खोजते हैं. लेकिन, यहां सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा है. फर्जी प्रोमो कोड या कूपन कोड को शॉपिंग करने में इस्तेमाल करने से आपकी फाइनेंशियल डीटेल्स लीक होने का खतरा होता है. हालांकि, अब बैंकिंग सिस्टम काफी मजबूत हुआ है. लेकिन, फ्रॉड का खतरा लगातार बना हुआ है.
8/12गूगल पर सर्च करते वक्त भूलकर भी कभी अपनी पहचान जानने के लिए सर्च न करें. क्योंकि, गूगल के पास आपकी सर्च हिस्ट्री का पूरा डेटाबेस होता है और बार-बार सर्च करने से इसके लीक होने का खतरा है. हैकर्स इसी इंतजार में रहते हैं कि कौन सी चीज उन्हें आसानी से हैक करने को मिल जाए.
9/12अक्सर गूगल पर लोग कुछ ऐसी चीजें सर्च करते हैं, जिनसे उन्हें कोई मतलब नहीं लेकिन सिर्फ देखने भर के लिए कर लेते हैं, ऐसी ही संदिग्ध या संदेह की चीजों को सर्च न करें. क्योंकि, सायबर सेल की नजर अक्सर ऐसे लोगों पर ही होती है, जो कुछ संदिग्ध सर्च करने की कोशिश करते हैं. ऐसे में आप मुश्किल में पड़ सकते हैं. सायबर सेल के मामलों में जेल तक की सजा का प्रावधान है.
10/12पर्सनल ई-मेल लॉगइन को गूगल पर सर्च करने से भी परहेज करें. ऐसा न करने पर आपका अकाउंट हैक और पासवर्ड लीक हो सकता है. एक स्टडी के मुताबिक, दुनियाभर में सबसे ज्यादा हैकिंग के मामले ई-मेल हैक होने के हैं. इसकी कई शिकायतें सायबर सेल में भी दर्ज हैं.
11/12अगर आप बीमारी और मेडिसिन के बारे में गूगल पर सर्च करते हैं तो इससे भी बचना चाहिए. क्योंकि सर्च का डाटा थर्ड पार्टी को ट्रांसफर कर दिया जाता है. जिसके बाद आपको लगातार उस बीमारी और उसके ट्रीटमेंट से संबंधित विज्ञापन दिखाए जाते हैं.
12/12गूगल पर कभी भी असुरक्षा से जुड़ी कोई भी जानकारी सर्च नहीं करनी चाहिए. अगर आप ऐसा करते है तो आपको संबधित विज्ञापन आने लगते हैं. जिससे आप यह जान सकते हैं कि कोई आपको इंटरनेट पर फॉलो कर रहा है. अगर आप चाहते हैं कि असुरक्षा से जुड़े विज्ञापन आपको परेशान न करें तो आप इस सर्च करने से बचें.