US-Iran tension: पिछले वित्तीय वर्ष के आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो इस दौरान भारत करीब 25000 करोड़ रुपये का निर्यात करते हैं, जबकि ईरान से भारत करीब 96000 करोड़ रुपये सालाना सामान मंगाता है.
अगर क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है और रुपये में कमजोरी हो रही है तो तेल मार्केटिंग कंपनियों की लागत बड़े पैमाने पर बढ़ेगी. (रॉयटर्स)