SEBI का बड़ा फैसला, गेहूं, सरसों, चना समेत कुछ डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर पाबंदी दिसंबर 2024 तक बढ़ाई

SEBI: मार्केट रेगुलेटर ने गेहूं, सरसों, चना, मंगू, सोयाबीन की डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर पाबंदी बढ़ाई. इसके साथ ही क्रूड पाम तेल, गैर बासमती के डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर पाबंदी बढ़ाई गई है.
SEBI का बड़ा फैसला, गेहूं, सरसों, चना समेत कुछ डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर पाबंदी दिसंबर 2024 तक बढ़ाई

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SEBI: मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (Sebi) ने कुछ डेरिवेटिव की ट्रेडिंग पर पाबंदी बढ़ा दी है. पाबंदी एक साल बढ़ाकर दिसंबर 2024 तक की गई. मार्केट रेगुलेटर ने गेहूं, सरसों, चना, मंगू, सोयाबीन की डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर पाबंदी बढ़ाई. इसके साथ ही क्रूड पाम तेल, गैर बासमती के डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर पाबंदी बढ़ाई गई है.

इन डेरिवेटिव की ट्रेडिंग पर पाबंदी

सेबी ने धान (नॉन-बासमती), गेहूं, चना, सरसों बीज और इसके डेरिवेटिव्स, सोयाबीन, क्रू़ड पाम ऑयल, मूंग डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर पाबंदी बढ़ाई है. बता दें कि महंगाई अधिक होने के साथ सेबी ने पैडी (नॉन-बसमती), गेहूं, चाना, सरसों के बीज और इसके डेरिवेटिव, सोयाबीन और इसके डेरिवेटिव, क्रूड पाम ऑयल और मूग के डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर सस्पेंशन को दिसंबर 20, 2023 तक बढ़ाया था.

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सेबी ने एक बयान में कहा, उपरोक्त अनुबंधों में कारोबार का निलंबन 20 दिसंबर, 2023 से आगे एक साल के लिए यानी 20 दिसंबर, 2024 तक बढ़ा दिया गया है. इन जिंसों में मौजूदा सौदों को काटा जा सकता है, लेकिन एक वर्ष के लिए किसी भी नए वायदा कारोबार की अनुमति नहीं होगी.

महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए सेबी ने दिसंबर 2021 में एक्सचेंजों को सोयाबीन, सरसों, चना, गेहूं, धान, मूंग और कच्चे पाम तेल के नए वायदा और विकल्प अनुबंध शुरू करने से रोक दिया था

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