सोने के भाव इस समय आसमान पर पहुंच गए है. ऐसे में गोल्ड में निवेश (Gold Investment) करना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. इस समय ज्यादातर निवेशक गोल्ड निवेश में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि सोना खरीदने के बाद उसको बेचने पर टैक्स भी लगता है. Income Tax डिपार्टमेंट की ओर से इस संबध में कई नियम जारी किए गए हैं.
1/5इनकम टैक्स विभाग के नियमों के मुताबिक, सोना बेचने पर लोगों को भारी भरकम टैक्स देना होता है. बता दें ये नियम सिर्फ दुकान से खरीदे गए सोने पर लागू होता है. वहीं, अगर आप डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) खरीदते हैं तो उस पर इस तरह का कोई भी नियम लागू नहीं होता है.
2/5हमारी सहयोगी वेबसाट ज़ी न्यूज डॉट कॉम के मुताबिक, टैक्स और निवेश सलाहकार बलवंत जैन ने बताया कि सोने की ज्वैलरी को कैपिटल असेट के तौर पर समझा जाता है और बेचने पर होने वाले लाभ को कैपिटल गेन माना जाता है. वहीं ज्वैलरी बेचने वाली सुनारों पर यह व्यापारिक आय मानी जाती है.
3/5आपको बता दें कि खरीदे गए सोने को 36 महीने रखने के बाद बेचते हैं. उनको इस सोने पर 20.80 फीसदी टैक्स देना होता है. वहीं, इससे कम समय में अगर कोई गोल्ड बेचता है तो उनकी वास्तविक आय पर ही टैक्स लगता है.
4/5अगर किसी व्यक्ति को सोने की ज्वैलरी गिफ्ट के तौर पर मिलती है और उसकी वैल्यू पूरे साल में 50 हजार रुपये से कम होती है, तो किसी प्रकार का कर देय नहीं होता है. वहीं 50 हजार रुपये से ज्यादा की वैल्यू वाले गिफ्ट के तौर पर मिले सोने पर टैक्स लगता है.
5/5अगर किसी व्यक्ति को उसके माता-पिता या फिर भाई-बहन से सोना उपहार में मिलता है तो उस पर छूट होती है. वहीं शादी के वक्त मिले सोने पर भी सभी तरह की छूट मिलती है. इसके साथ ही वसीयत में मिले सोने पर भी छूट मिलती है. कर व निवेश सलाहकार जीतेंद्र सोलंकी ने बताया कि इस सोने को बेचने पर होने वाला लाभ कर योग्य होगा और लोगों को टैक्स देना होगा.