देश में टैक्सपेयर्स को सरकार इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत कई तरह के टैक्स बेनेफिट देती है. और टैक्स सिस्टम अधिकतर छूट और लाभ जो दिए गए हैं, वो सभी को एक समान दिए गए हैं, बस इसमें इनकम ब्रैकेट और इनकम सोर्स वगैरह को लेकर अलग-अलग नियम रखे गए हैं. सैलरीड इनकम के अलावा बिजनेस इनकम पर भी अलग-अलग तरह की टैक्स छूट मिलती है. और महिला आंत्रप्रेन्योर्स भी कई तरह के टैक्स बेनेफिट का फायदा उठा सकती हैं. हम यहां ऐसे ही टैक्स छूट की बात कर रहे हैं.
1/6यूं तो महिला आंत्रप्रेन्योर्स को अलग से कोई स्पेशल टैक्स छूट नहीं मिलती, लेकिन रेगुलर टैक्स बेनेफिट्स में से ही कई ऐसे डिडक्शन हैं, जो वो क्लेम कर सकती हैं. इसमें सेक्शन 80C के तहत ग्रोस अर्निंग, बिजनेस लोन, इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम, या प्रॉपर्टी खरीदने वगैरह पर छूट क्लेम किया जा सकता है.
2/6Section 80C
महिला बिजनेस ओनर्स सेक्शन 80सी के तहत अपने कुल आय पर सालाना 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट पा सकती हैं. इसके लिए वो पोस्ट की छोटी बचत योजनाओं, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड, नेशनल पेंशन स्कीम, ELSS और 5 साल की टैक्स सेविंग एफडी में निवेश कर सकती हैं.
3/6इस धारा के तहत अपने, अपने बच्चों या माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम भर रहे हैं तो उसपर टैक्स छूट ले रहे हैं.
4/6अपने लिए, अपने पति के लिए या फिर अपने बच्चे के लिए हायर एजुकेशन लोन ले रही हैं, तो इसकी मासिक किस्त (EMI) पर भी टैक्स छूट ली जा सकती है
5/6अगर होम लोन ले रखा है तो इसकी किस्त पर सालाना 2 लाख रुपये बचा सकती हैं.
6/6लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी क्लेम किया है और उसपर सम अश्योर्ड और बोनस मिला है तो उसपर भी आपको टैक्स छूट मिल सकती है.