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Brokerage Firm Bernstein on Election Results: लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण का मतदान खत्म हो गया है. अब सभी की नजरें 26 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान पर है. बीजेपी ने इस चुनाव में 370 सीटें और एनडीए को 400 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. हालांकि, ग्लोबल ब्रोक्रेज फर्म बर्नस्टीन ने दावा किया है कि यदि बीजेपी की 350 में से 50 सीटें कम यानी लगभग 300 सीटें आती है तो भी शेयर बाजार में गिरावट आ सकती है. ब्रोक्रेज फर्म के मुताबिक भाजपा के पास खोने के लिए बहुत कुछ और हासिल करने के लिए लगभग कुछ भी नहीं.
ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने कहा है कि शेयर बाजार ने एनडीए के लिए 350 से 400 सीटों की संख्या को ध्यान में रखा है. बाजार पहले ही गिरावट की वजह ढूंढ रहा है, ऐसे में यदि भाजपा या एनडीए की 350 या 400 से कम सीटें आएगी तो मार्केट सेंटिमेंट्स ओवररिएक्ट कर सकता है. बर्नस्टीन के मुताबिक, '300 सीटों का भी मतलब है कि सत्तारूढ़ दल को पूर्ण बहुमत मिला है और मोदी सरकार चलती रहेगी. लेकिन, इन नतीजों को उम्मीद से कम माना जाएगा. इस पर मार्केट के रिएक्शन को नकारा नहीं जा सकता है.'
ग्लोबल ब्रोक्रेज फर्म के मुताबिक, 'हमें लगता है कि चुनाव के बाद मुनाफावसूली वैसे भी आ रही है, और चुनाव परिणाम केवल ट्रिगर प्वाइंट के रूप में काम करेंगे.' इसके अलावा बर्नस्टीन ने कहा है कि साल 2024 में भारतीय बाजार खासकर स्मॉल और मिड कैप शेयर रिकॉर्ड वैल्यूएशन पर होंगे. गौरतलब है कि शेयर बाजार ने हाल ही में सर्वोच्च स्तर से पहले ही दो हजार अंकों की गिरावट आ चुकी है. ग्लोबल जियो पॉलिटिकल और यूएस फेड रिजर्व की ब्याज दरों पर टिप्पणी के बीच S&P BSE इंडेक्स 75 हजार के स्तर से नीचे आ गया है.
बर्नस्टीन के मुताबिक 2019 में दक्षिण भारत की 101 सीटों पर एनडीए पर पांच सीटें मिली थी. गुजरात, राजस्थान में आंदोलन है. वहीं, दिल्ली में सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी चर्चा में है. पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में अनिश्चितताएं हैं. साल 2019 में आठ प्रदेशों की 146 में से 144 सीटें मिली थी. ऐसे में 400 पार का टारगेट हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा. गौरतलब है कि कई ओपिनियन पोल ने एनडीए को औसतन 385 से 390 सीट दी है. वहीं, कुछ ओपिनियन पोल 411 सीटें भी एनडीए को दे रहे हैं.