ग्लोबल मंदी की आहट और भारत पर इसका असर क्या होगा, इसका अंदाजा शायद लगा लिया गया है. यही वजह है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन बूस्टर डोज दिया.
FPIs खरीदारी करने लौटेंगे या नहीं ये इस बात पर निर्भर करेगा कि यहां पैसा बनेगा या नहीं. (फोटो: जी बिज़नेस)