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साल 2022 के बीच में ही स्टार्टअप (Startup) की दुनिया में कुछ संकट के बादल छाने लगे थे. हालात ऐसे हो गए थे कि कई स्टार्टअप्स को अपना बिजनेस (Business) ही बंद करना पड़ा था. उसके बाद साल 2023 का पूरा साल ही स्टार्टअप के लिए फंडिंग विंटर (Funding Winter) वाला रहा. इस दौरान भी बहुत सारे स्टार्टअप बंद हुए. आइए देखते हैं ऐसे ही 7 स्टार्टअप की लिस्ट, जो साल 2023 में आर्थिक संकट से जूझते-जूझते बंद हो गए.
बिजनेस नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म Anar ने नवंबर महीने के आखिरी हफ्ते में अपने ऑपरेशन बंद करने का ऐलान किया था. इसकी जानकारी स्टार्टअप (Startup) के सीईओ और को-फाउंडर निशंक जैन ने खुद ही ट्विटर पर दी था. निशंक जैन ने कहा है कि उनका बिजनेस तमाम सेलर्स की समस्याओं को इफेक्टिव तरीके से सुलझा नहीं पा रहा है, जिसके चलते इस बिजनेस को बंद करने का फैसला किया गया है. बी2बी स्टार्टअप Anar को वित्त वर्ष 2023 में बहुत ही कम रेवेन्यू हासिल हुआ. वहीं कंपनी का नुकसान करीब 17.32 करोड़ रुपये रहा. सितंबर 2021 में ही इस स्टार्टअप ने सीड फंडिंग राउंड के तहत लगभग 6.2 मिलियन डॉलर यानी करीब 50 करोड़ रुपये जुटाए थे.
सितंबर 2022 में यह स्टार्टअप अगले 3-4 सालों में करीब 500 करोड़ रुपये का एआरआर हासिल करने की तैयारी कर रहा था. अक्टूबर 2023 में खबर आई की फंडिंग विंटर की वजह से यह स्टार्टअप बंद होने के कगार पर जा पहुंचा है. करीब महीने भर बाद ना तो कंपनी के वेबसाइट चल रही थी, ना ही इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज चल रहे थे. इस कंपनी की शुरुआत साल 2019 में Ainara Kaur और Akaljyot Kaur ने की थी. यह कंपनी वीगन और टॉक्सिन फ्री मेकअप और स्किनकेयर प्रोडक्ट बेचती थी, जैसे लिपस्टिक, क्रीम, आईशैडो.
ऑनलाइन गेमिंग पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने की वजह से गुरुग्राम के रीयल मनी गेमिंग (Real Money Gaming) प्लेटफॉर्म Fantok ने अगस्त महीने में अपने ऑपरेशन बंद करने की घोषणा की थी. इस स्टार्टअप (Startup) ने कहा था कि जीएसटी (GST) काउंसिल की तरफ से 28 फीसदी जीएसटी लगाए जाने के फैसले का बिजनेस पर बहुत ही बुरा असर पड़ रहा है. इस प्लेटफॉर्म ने एक लिंक्डइन पोस्ट कर के बिजनेस बंद करने की घोषणा की थी. पोस्ट में लिखा है कि रीयल मनी गेमिंग सेक्टर पर जीएसटी लगाए जाने की वजह से कंपनी को दिक्कत हो रही है, इसलिए ऐसा सख्त कदम उठाया जा रहा है.
सितंबर के महीने में ग्रॉसरी पर फोकस करने वाले सोशल कॉमर्स यूनिकॉर्न (Unicorn) स्टार्टअप Dealshare ने अपना B2B बिजनेस बंद कर दिया. अब कंपनी ने अपना फोकस B2C सेगमेंट पर कर दिया है. कंपनी ने एक बयान में साफ कहा था कि कंपनी ने अपना फोकस अब कंज्यूमर मार्केट पर शिफ्ट किया है. कंपनी ने कहा था कि इस कदम से जिन भी कर्मचारियों की नौकरी पर असर पड़ा, उन्हें हर संभव मदद मुहैया कराने की कोशिश करेगी और कंपनी अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए उन्हें दूसरी जगहों पर नौकरी पाने में भी मदद कर रही है.
कलारी कैपिटल के निवेश वाले इस हेल्थकेयर स्टार्टअप ने फंडिंग विंटर के चलते अपना बिजनेस बंद कर दिया था. अगस्त 2023 में इस स्टार्टअप ने बिजनेस बंद किया था. इस कंपनी की शुरुआत साल 2018 में शुभम गुप्ता, राहुल कुमार और सुरेश सिंह ने की थी. यह स्टार्टअप बी2बी हेल्थटेक स्टार्टअप था, जो सीआरएम सॉल्यूशन, ऑनलाइन रिपोर्ट मैनेजमेंट टूल्स और डायग्नोस्टिक लैब्स के लिए कुछ अन्य सेवाएं देता था.
एडटेक स्टार्टअप DUX Education अप्रैल 2023 में बंद हो गया था. यह स्टार्टअप लगातार फंड जुटाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन फंडिंग हासिल नहीं कर पाने की वजह से कंपनी को अपने सारे ऑपरेशन बंद करने पड़े. इसकी शुरुआत 2020 में रोहित जैन, उदित चतुर्वेदी और मनिका तिवारी ने की थी. यह स्टार्टअप K-12 स्टूडेंट्स को स्कूल करिकुलम पर आधारित ऑनलाइन क्लास ऑफर करता था.
क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Pillow फंडिंग उठाने के मामले में सबसे बड़े स्टार्टअप्स में गिना जाता था. हालांकि, फंडिंग विंटर की वजह से इस स्टार्टअप का बिजनेस भी बंद हो गया. जुलाई अंत में इस स्टार्टअप को अपना बिजनेस बंद करना पड़ा और निवेशकों से जुटाए कुल पैसों का करीब 80 फीसदी पैसा उन्हें वापस लौटा दिया गया. इस स्टार्टअप ने निवेशकों से कुल 21 मिलियन डॉलर जुटाए थे. इसकी शुरुआत साल 2021 में अरिंदम रॉय, राजनाथ केएम और कार्तिक मिश्रा ने की थी.