Gold ETF में इन्‍वेस्‍ट करने के क्‍या हैं फायदे, कैसे शुरू करें निवेश?

Gold ETF म्यूचुअल फंड का ही एक इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है, जो सोने के गिरते-चढ़ते भावों पर आधारित होता है. जानिए इसमें निवेश करने के फायदे क्‍या हैं और इसमे निवेश की शुरुआत कैसे कर सकते हैं.
Gold ETF में इन्‍वेस्‍ट करने के क्‍या हैं फायदे, कैसे शुरू करें निवेश?

गोल्‍ड में निवेश करने का चलन वर्षों से चला आ रहा है. हालांकि पुराने समय में सिर्फ फिजिकल गोल्‍ड ही एक ऑप्‍शन होता था, लेकिन आज के समय में गोल्‍ड को फिजिकली और डिजिटली, दोनों तरह से खरीदा जा सकता है. सोने में निवेश का एक तरीका है गोल्ड ईटीएफ (Gold Exchange Traded Funds), जो पिछले कुछ समय में तेजी से पॉपुलर हुआ है.

Gold ETF म्यूचुअल फंड का ही एक इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है, जो सोने के गिरते-चढ़ते भावों पर आधारित होता है. यहां आप सोने में निवेश कर सकते हैं. गोल्ड ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है. हालांकि इसमें आपको फिजिकल सोना नहीं मिलता. आप जब इसे बेचते हैं, तब आपको उस समय के सोने के भाव के बराबर पैसा मिल जाता है.

गोल्‍ड ETF के फायदे

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आसान है खरीददारी

इसमें निवेश करना फिजिकल गोल्‍ड की तुलना में आसान है क्‍योंकि ETF को यूनिट्स में खरीदा जाता है. एक गोल्ड ETF यूनिट का मतलब है कि 1 ग्राम सोना. अगर आपके पास बहुत पैसे नहीं हैं, तो आप एक या दो यूनिट सोना खरीद सकते हैं. जबकि फिजिकल गोल्‍ड खरीदते समय आप अगर एक छोटी सी अंगूठी भी खरीदते हैं, तो वो कम से कम 4 से 5 ग्राम की होती है, ऐसे में आपको अच्‍छा खासा पैसा चाहिए होता है. गोल्‍ड ईटीएफ कम में भी खरीदा जा सकता है. साथ ही इसमें SIP के जरिए खरीददारी की भी सुविधा मिलती है.

सुरक्षा की फिक्र नहीं

अगर आप फिजिकल गोल्‍ड खरीदते हैं, तो उसमें सुरक्षा की फिक्र सताती है. वहीं गोल्‍ड ईटीएफ में ऐसा झंझट नहीं है. आप शेयर की तरह इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड को डीमैट अकाउंट में रखते हैं, जिसके लिए सालाना डीमैट चार्ज देना होता है. लेकिन आपको इसके चोरी होने का खतरा नहीं सताता.

मेकिंग खर्च बचता है

आप जब ज्‍वैलर से कोई आभूषण खरीदते हैं, तो सोने के साथ आपको उसका मेकिंग चार्ज भी देना होता है, जिसके कारण सोना काफी महंगा पड़ जाता है. लेकिन गोल्‍ड ईटीएफ में आपको किसी तरह का मेकिंग चार्ज नहीं देना होता. गोल्ड ETF खरीदने में 1% या इससे कम की ब्रोकरेज लगती है, साथ ही पोर्टफोलियो मैनेज करने के लिए सालाना 1% चार्ज देना पड़ता है. लेकिन ये मेकिंग चार्ज की तुलना में काफी कम है.

शुद्धता की गारंटी

गोल्ड ETF से खरीदे गए सोने की 99.5% शुद्धता की गारंटी होती है, जो कि सबसे उच्च स्तर की शुद्धता है. इसके अलावा शेयर बाजार में डायरेक्‍ट निवेश के मुकाबले ETF में निवेश कम उतार-चढ़ाव वाला होता है.

सिक्‍योरिटी के तौर पर कर सकते हैं इस्‍तेमाल

अगर कोई व्‍यक्ति भविष्‍य में लोन लेना चाहता है तो वो गोल्‍ड ETF को सिक्‍योरिटी के तौर पर इस्‍तेमाल कर सकता है. इसके अलावा गोल्ड ETF को बिना किसी परेशानी के तुरंत खरीदा और बेचा जा सकता है.

गोल्‍ड ईटीएफ में निवेश कैसे करें

अगर आप गोल्‍ड ईटीएफ में निवेश करना चाहते हैं तो आपको पहले डीमैट अकाउंट खुलवाना होगा. इसमें NSE पर उपलब्ध गोल्ड ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी. एक या दो दिन बाद आपके अकाउंट में गोल्‍ड ईटीएफ डिपॉजिट हो जाएंगे. ट्रेडिंग अकाउंट के जरिए ही इसे बेचा जाता है.

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