भारतीय रेलवे (Indian Railway) अपने कबाड़ हो चुके डिब्बों को ठीक करके उनमें अनोखे प्रयोग कर रहा है. लोग भी रेलवे के इस प्रयोग को काफी पसंद कर रहे रहे हैं. हाल ही में रेलवे ने अपने कर्मचारियों की सुविधा हो ध्यान में रखते हुए पूर्व मध्य रेल के दानापुर कोचिंग डिपो में एक खराब हो चुके कोच को बिना कोई अलग से खर्चा किए उसे स्टाफ कैंटीन में बदल दिया है. इसे कैफेटेरिया के तौर पर विकसित किया गया है. इसमें एक साथ 40 लोग बैठ सकते हैं.
1/5कबाड हो चुके डिब्बे को खूबसूरत कैफिटेरिया में बदलने के रेलवे के इस प्रयोग को रेल कर्मचारी सहित यहां आने वाले लोग काफी पसंद कर रहे हैं. यहां पर मिलने वाले खाने-पीने के सामान की कीमत भी बेहद आकर्षक रखी गई है.
2/5कोच के अंदर बने कैफिटेरिया को काफी खुबसूरती से सजाया गया है. अंदर जहां छत पर झूमर लगाए गए हैं वहीं गुब्बारों से भी सजाया गया है. अंदर आपको भाप के इंजन की खूबसूरत पेंटिंगें भी देखने को मिलेगी. कैफिटेरिया में बैठ कर आप डिब्बे में लगी खिड़कियों को खोल सकते हैं.
3/5हाल ही में साउथ वेस्ट रेलवे (SWR) अपने दो पुराने खराब हो चुके डिब्बों को स्कूल की क्लास में बदल दिया है. बच्चों और स्थानीय लोगों ने ये डिब्बे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. इन डिब्बों को स्थानीय भाषा में ‘Nali Kali’ नाम दिया गया है. इसका मतलब है Joyful learning. इन डिब्बों को अशोकपुरम के रेलवे कॉलोनी स्थित प्राइमरी स्कूल में रखा गया है. स्कूल के बच्चे इस नए तरह के क्लासरूम को देखकर काफी उत्साहित हैं.
4/5रेलवे की वर्कशॉप में इन डिब्बों के इंटीरियर और एक्सटीरियर को काफी खूबसूरत बनाया गया है. डिब्बे के बाहर के एक हिस्से पर ब्लैकबोर्ड भी बनाया गया है. डिब्बे के अंदर पंखे, लाइट और अन्य इंतजाम भी किए गए हैं. स्कूल के टीचर्स के मुताबिक बच्चे स्कूल के इस प्रयास को काफी पसंद कर रहे हैं. दीवार पर बनी ट्रेन बच्चों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. दीवार पर ट्रेन के डिब्बों के साथ ही इंजन भी बनाया गया है.
5/5भारतीय रेलवे (Indian Railways) बच्चों को रेलवे से जोड़ने के लिए कई तरह के प्रयास कर रहा है. हाल ही में रेलवे ने दो कबाड़ हो चुके डिब्बों को क्लास रूम में बदल दिया. और इन डिब्बों को इस तरह से सजाया गया कि बच्चों को सीखने के साथ ही उनकी जागरूकता भी बढ़े. ओडिशा (Odisha) के नवरंगपुर (Nawarangpur) जिले में एक स्कूल की बाउंड्री वॉल पर पेंट के जरिए ट्रेन बना दी गई है.