Income tax free investment Options: हर साल टैक्स भरने से पहले इन्वेस्टमेंट प्रूफ देने की तैयारी शुरू हो जाती है. खासकर नौकरीपेशा के लिए ये वक्त काफी मायने रखता है. वित्त वर्ष खत्म होने से पहले निवेश करना और उसके प्रूफ सब्मिट करना बहुत जरूरी होता है. ऐसे में आपको ये जानकारी जरूर होनी चाहिए कि कहां आपका पैसा सेफ है और उस पर आपको कोई टैक्स (Tax free investment) भी नहीं चुकाना. ओल्ड टैक्स रिजीम में सालाना 2.5 लाख रुपए की इनकम से ज्यादा वाले टैक्स (Income tax) के दायरे में आते हैं. लेकिन, इनकम कम हो या ज्यादा अगर ये पता हो कि टैक्स (Tax) कहां नहीं लगेगा तो आप भी निश्चिंत होकर बैठ सकते हैं.
1/9इनकम के कुछ सोर्स ऐसे हैं जहां टैक्स चुकाने की कोई जरूरत नहीं होती. खेती से होने वाली इनकम पूरी तरह टैक्स फ्री होती है. किसी फर्म में पार्टनर हैं तो प्रॉफिट शेयरिंग के तौर पर मिली राशि टैक्स फ्री होती है. क्योंकि, कंपनी पहले ही इस पर टैक्स दे चुकी होती है. टैक्स छूट सिर्फ प्रॉफिट पर होती है. वहीं, आपके कुछ इन्वेस्टमेंट से होने वाली कमाई पर भी कोई टैक्स नहीं होता.
2/9सरकारी कर्मचारी अगर वास्तविक रिटायरमेंट के पहले वॉलंटरी रिटायरमेंट लेते हैं तो इस राशि पर 5 लाख रुपए तक की राशि टैक्स फ्री (Tax Free Income) होती है. यह सुविधा सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए ही होती है.
3/9आयकर कानून के सेक्शन 10(2) के तहत अविभाजित हिन्दू परिवार (HUF) से मिली रकम या विरासत में मिली किसी भी तरह की रकम पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है.
4/9माता-पिता या परिवारिक विरासत में मिली प्रॉपर्टी, जेवर या कैश टैक्स के दायरे में नहीं आता. वसीयत में मिलने वाली प्रॉपर्टी कैश पर भी टैक्स नहीं लगता है. अगर टैक्सपेयर माता-पिता से मिली हुई राशि को निवेश कर कमाई करना चाहता है तो फिर उसे इससे होने वाली आमदनी पर टैक्स देना होगा.
5/9वैसे तो गिफ्ट टैक्स के दायरे में आते हैं. इनकम टैक्स 1961 के सेक्शन 56(2)(x) के तहत टैक्सपेयर्स को मिले गिफ्ट्स पर टैक्स चुकाना होता है. लेकिन, शादी और दोस्तों, रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं लगता. ये गिफ्ट 50 हजार रुपए से ज्यादा नहीं होना चाहिए. गिफ्ट शादी के दिन या फिर उसके आस-पास के ही होने चाहिए. हालांकि, इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक कुछ खास लोगों से शादी में मिले गिफ्ट 50 हजार रुपए से ज्यादा कीमत होने के बाद भी इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आते.
1. पति-पत्नी से मिला गिफ्ट 2. भाई-बहन से मिला गिफ्ट 3. मां-बाप के भाई या बहन से मिले गिफ्ट 4. विरासत या वसीयत में मिली प्रॉपर्टी 5. सेक्शन 10 (23C) के तहत किसी फंड/फाउंडेशन/यूनिवर्सिटी या अन्य एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन, हॉस्पिटल या अन्य मेडिकल इंस्टीट्यूशन, ट्रस्ट या इंस्टीट्यूशन से मिला गिफ्ट 6. सेक्शन 12A या 12AA के तहत रजिस्टर किसी भी चैरिटेबल या धार्मिक ट्रस्ट से मिला गिफ्ट.
6/9NRI व्यक्ति को नॉन रेजिडेंट एक्सटर्नल खाते पर मिलने वाला ब्याज भारत में टैक्स फ्री है. NRE FD और बचत खाता दोनों तरह के खातों पर मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में नहीं आता.
7/9नौकरीपेशा के लिए ग्रेच्युटी का नियम समझना बहुत जरूरी है. किसी भी संस्थान में अगर आप 5 साल तक नौकरी करते हैं तो उस पर ग्रेच्युटी बनती है. ये मौजूदा नियमों के मुताबिक है. ग्रेच्युटी की मिलने वाली पूरी रकम टैक्स छूट के दायरे में आती है. सरकारी कर्मचारी के लिए 20 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी टैक्स फ्री होती है. वहीं, प्राइवेट कर्मचारी के लिए 10 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी टैक्स फ्री होती है.
8/9पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में सालाना 1.5 लाख रुपए तक निवेश किया जा सकता है. इसमें आपका निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा पूरी तरह टैक्स फ्री होता है.
9/9यूं तो EPF पर टैक्स के नियम अलग-अलग हैं, लेकिन अगर सीधे तौर पर देखें तो लगातार 5 साल तक निवेश करने के बाद किए विड्रॉल पर कोई टैक्स नहीं लगता.