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ग्रीन रेलवे की ओर एक और कदम, रेलवे ने किया ये काम (फाइल फोटो)
भारतीय रेलवे (Indian Railways) अधिक से अधिक ग्रीन एनर्जी के इस्तेमाल का प्रयास कर रहा है. रेलवे ने लक्ष्य रखा है कि भारतीय रेलवे को दुनिया का पहला ग्रीन रेलवे बनाया जाए. इसके लिए वर्ष 2030 तक का लक्ष्य तय किया गया है. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए बजट 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि रेलवे पूरे देश में रेलवे पटरियों के साथ रेलवे की जमीनों पर बड़े पैमाने पर सोलर प्लांट लगाएगी जिससे बिजली का उत्पादन किया जाएगा. इसी अभियान के तहत भारतीय रेलवे के विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन (Vijayawada railway station) पर 65 किलोवॉट का सोलर प्लांट लगाया गया है.
विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन पर लगा प्लांट
भारतीय रेलवे के विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन (Vijayawada railway station) पर लगाया गया ये सोलन प्लांट स्टेशन के प्लटफार्म नम्बर 04 और 05 पर लगाया गया है. इस सोलर प्लांट से लगभग 1.06 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा. सौर ऊर्जा से पैदा होने वाली इस बिजली से स्टेशन की 17 फीसदी बिजली की जरूरत पूरी होगी. साथ ही रेलवे को हर साल लगभग 8.1 लाख रुपये की बचत होगी
भारतीय रेलवे दुनिया की पहली ग्रीन रेलवे बनने के लिए इसके लिए देश की महारत्न कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के साथ करार भी किया है. बतौर पायलट प्रोजेक्ट रेलवे के लिए भेल दो मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन करेगा. इस बिजली से ट्रेन के ट्रेक्शन इंजन से लेकर पंखे, एसी, लाइट्स आदि भी चलेंगे. सूत्रों के मुताबिक भेल ने अपनी भोपाल यूनिट को इसका काम सौंपा है.
दिल्ली में भी लगे गई प्लांट
दिल्ली में नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, निजामुद्दीन और आनंद विहार रेलवे स्टेशनों पर स्टेशन के प्लेटफार्म की क्षमतों पर सोलर पैनल लगा कर बिजली का उत्पादन किया जा रहा है. इससे रेलवे के बिजली के बिल में भी कमी आयी है.
बठिंडा में उठाए गए ये कदम
बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बठिंडा रेलवे स्टेशन ने सौर ऊर्जा उत्पादन की तरफ पहल की है. बठिंडा रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा के उत्पादन से अपनी बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रहा है. अब तक स्टेशन पर लगाए गए सोलर प्लांट से स्टेशन पर हर साल 1 करोड़ रुपए की बचत की जाएगी. रेलवे स्टेशन इमारत की छत व शेड पर सोलर प्लांट पैनल लगाई गई हैं. पहले चरण में रेलवे स्टेशन की बिजली सौर ऊर्जा से इस्तेमाल होगी, जबकि दूसरे चरण में हॉस्पिटल व मैकेनिकल बिल्डिंग को भी सोलर किया जा रहा है.