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PPF Investment: पब्लिक प्रोविडेंट फंड इन्वेस्टमेंट के लिए एक बेहतर विकल्प है. ये एक स्मॉल सेविंग्स स्कीम है, जिसमें बेहतर रिटर्न मिलने के साथ आपका पैसा सुरक्षित रहता है. अगर आपने पीपीएफ में निवेश किया है और वो अकाउंट मेच्योर होने वाला है, तो अब आप सोच रहे होंगे कि आपको आगे क्या करना होगा. आइए जानते हैं पूरा प्रोसेस.
पीपीएफ स्कीम रूल्स के मुताबिक, PPF अकाउंटहोल्डर्स के पास अकाउंट मेच्योर होने पर 3 ऑप्शंस होते हैं.
15 साल की ड्यूरेशन पूरी होने के बाद कोई भी व्यक्ति अपना PPF अकाउंट क्लोज करा सकता है. ध्यान देने वाली बात ये है कि PPF अकाउंट ओपन कराने की तारीख से मेच्योरिटी की डेट डिसाइड नहीं होती है. पीपीएफ अकाउंट की मेच्योरिटी डेट उस फाइनेंशियल ईयर के आखिरी में आती है, जब पहली बार सब्सक्रिप्शन अमाउंट जमा किया गया था. बता दें PPF अकाउंट को बंद करवाने के लिए होल्डर को अकाउंट क्लोज फॉर्म सब्मिट करना होता है.
कोई भी पीपीएफ अकाउंट होल्डर मेच्योरिटी के बाद बिना पैसे जमा किए अपने अकाउंट को एक्सटेंड कर सकते हैं. इसके तहत होल्डर को अकाउंट में जमा पैसे पर ब्याज मिलता रहेगा. होल्डर अकाउंट के मेच्योर होने के बाद हर साल अकाउंट में उपलब्ध बैलेंस में से कितनी भी राशि की निकाल सकता है.
मेच्योरिटी के बाद आप अपने अकाउंट को एक्सटेंड कर सकते हैं, जिसमें फ्रेश डिपॉजिट किया जा सकता है. इसके अलावा आप अपने अकाउंट को 5 साल के लिए एक्सटेंड किया जा सकता है. इस अकाउंट को एक या ज्यादा बार 5-5 साल के लिए एक्सटेंड किया जा सकता है. इस ऑप्शन के इस्तेमाल के बाद अकाउंटहोल्डर बाद में अपना रिक्वेस्ट वापस नहीं ले सकता है.