PM Kisan: सालाना ₹6000 के लिए कैसे शॉर्टलिस्ट होता है किसानों का नाम? 16वीं किस्त का पैसा चाहिए तो जानें पूरा प्रोसेस

PM Kisan Samman Nidhi News: पीएम किसान योजना में सभी किसानों को फायदा नहीं मिलता. बल्कि इसका लाभार्थी बनने के लिए कुछ शर्तें हैं, जिन्हें पूरी करना जरूरी है. उसके बाद इस योजना में किसका नाम तय होगा या नहीं इसके लिए भी एक पूरी प्रक्रिया है.
PM Kisan: सालाना ₹6000 के लिए कैसे शॉर्टलिस्ट होता है किसानों का नाम? 16वीं किस्त का पैसा चाहिए तो जानें पूरा प्रोसेस

PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan) के तहत सरकार किसानों को 1 वित्त वर्ष में 3 किस्तों में 6000 रुपए की मदद करती है. हर किस्त में किसानों के खाते में 2000 रुपए ट्रांसफर किए जाते हैं. मौजूदा समय में इस योजना ने करीब 11 करोड़ से ज्यादा किसान जुड़ चुके हैं. अब तक किसानों को 15 किस्त के पैसे ट्रांसफर हुए हैं और 28 फरवरी को 16वीं किस्त (PM Kisan 16th Installment) जारी हो रही है. लेकिन, पीएम किसान योजना में सभी किसानों को फायदा नहीं मिलता. बल्कि इसका लाभार्थी बनने के लिए कुछ शर्तें हैं, जिन्हें पूरी करना जरूरी है. उसके बाद इस योजना में किसका नाम तय होगा या नहीं इसके लिए भी एक पूरी प्रक्रिया है. जानते हैं कि पीएम किसान योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत बेनेफिशियरी की किस तरह से पहचान होती है और उन्हें पेमेंट के लिए कैसे शॉर्टलिस्ट किया जाता है.

कैसे शॉर्टलिस्ट किए जाते हैं किसानों के नाम?

पीएम किसान योजना के तहत लाभ के लिए पात्र किसान फैमिली की पहचान करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से राज्य/संघ राज्य क्षेत्र (State/UT Governments) की सरकारों की होती है. एक बार जब किसान आवेदन कर देता है तो अलग अलग राज्यों और केंद्र शासित राज्यों में लैंड ओनरशिप सिस्टम या लैंड के रिकॉर्ड का का उपयोग बेनेफिशियरी की पहचान करने के लिए किया जाता है. एक बार उनकी पहचान करने के बाद जरूरी डॉक्युमेंट्स का मिलान किया जाता है. अगर शर्तें के हिसाब से सब कुछ सही मिलता है तो वह ​किसान फैमिली 6000 रुपए सालाना किस्त के लिए सेलेक्ट हो जाती है.

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इसके बाद राज्य/UT सरकारें पीएम-किसान पोर्टल पर किसान फैमिली का विवरण अपलोड करती हैं. यानी पीएम-किसान पोर्टल पर किसान फैमिली के विवरण अपलोड करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से राज्य सरकारों की होती है. एक बार आवेदन करने के बाद राज्य/UT सरकारों को उस बारे में जांच करने का अधिकार है. सब कुछ सही पाए जाने पर ही इस योजना के तहत फायदे का हकदार माना जाता है.

ये डीटेल्स बताना है जरूरी

  • नाम, उम्र, जेंडर, कटेगिरी (SC/ST)
  • आधार नंबर (जिन राज्यों में आधार कार्ड बनाने में देरी हुई है और बहुत से किसानों को नहीं मिला है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था है)
  • बैंक अकाउंट नंबर, IFSC कोड
  • मोबाइल नंबर

आवेदन में गलती होने पर क्या होगा?

अगर किसानों द्वारा दी गई सूचना में कुछ गलती हो जाती है तो किस्त रुक जाती है गलती में आधार नंबर, बैंक अकाउंट नंबर, नाम या पता कुछ भी हो सकता है. हालांकि इन गलतियों में सुधार किया जा सकता है. पीएम किसान की वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर आप गलती सुधार सकते हैं. जो किस्त रुकती है, आगे उसकी भी भरपाई हो जाती है.

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