देश की इकोनॉमी को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ के विशेष पैकेज का ऐलान किया. वित्त मंत्री ने इस पैकेज में किसे क्या मिलेगा, उसका पूरा ब्योरा सामने रखा. लेकिन, इसमें आम आदमी के पैसे से जुड़े भी कई ऐलान किए गए. ये ऐलान सीधे-सीधे आपकी जेब पर असर डालेंगे. इनमें इनकम टैक्स से लेकर EPF तक का पैसा शामिल है.
1/5फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income tax return) भरने की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है. हर साल बीते वित्त वर्ष के लिए आयकर रिटर्न 31 जुलाई तक जमा होता था. इस साल कोरोना वायरस की वजह से ITR भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2020 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दी गई है. ऑडिट वाले रिटर्न की आखिरी तारीख को भी बढ़ाया गया है. इसे 30 सितंबर 2020 से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2020 किया गया है.
2/5फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के लिए नॉन सैलरी पेमेंट में TDS-TCS की दर में 25% की कटौती का ऐलान किया गया. वित्त मंत्र के इस ऐलान से आम जनता को करीब 50 करोड़ रुपए का फायदा मिलेगा. सबसे ज्यादा फायदा सेल्फ इम्प्लॉयड (बिजनेसमैन), प्रोफेशनल और सीनियर सिटीजंस को मिलेगा.
3/5कंपनियों के टैक्स विवाद को निपटाने के लिए सरकार ने 'विवाद से विश्वास स्कीम' शुरू की थी. वित्त मंत्री ने इसकी समयसीमा को बढ़ा दिया है. अब टैक्स विवाद निपटाने के लिए 31 दिसंबर 2020 तक का वक्त दिया गया है. केंद्र सरकार की इस स्कीम में टैक्सपेयर बिना किसी पेनाल्टी और एडिशनल चार्ज के अपने पुराने टैक्स विवाद को निपटा सकते हैं.
4/5वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि जून से लेकर अगस्त तक 12 फीसदी के बजाय 10 फीसदी EPF कटेगा. 15 हजार रुपए तक की बेसिक सैलरी वालों का अब 10 फीसदी कंट्रीब्यूशन जमा होगा. इस तरह उनकी टेक-होम सैलरी तीन महीने के लिए ज्यादा होगी. कंपनी भी कंट्रीब्यूशन भी 10 फीसदी ही होगा.
5/5तीन महीने तक EPF में कम कंट्रीब्यूशन होगा. मतलब 3 महीने तक आपको हाथ में ज्यादा सैलरी मिलेगी. लेकिन, पीएफ खाते में जमा होने वाली रकम सीधे तौर पर कम हो जाएगी. कम कॉन्ट्रिब्यूशन की वजह से खाते में कम पैसा जमा होगा. इस पर ब्याज भी कम मिलेगा. फिलहाल EPF की ब्याज दर 8.5 फीसदी तय की गई है. प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारी और कंपनी का EPF में योगदान बेसिक सैलरी का 12-12 फीसदी होता है.