प्रोविडेंट फंड और पेंशन के नियमों में एक बार फिर बड़ा बदलाव हो सकता है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही EPF की पेंशन यानी एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) के नियमों में बदलाव कर सकता है. दरअसल, EPFO पेंशन निकालने से जुड़ा एक प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है. सूत्रों की मानें तो EPFO जल्द ही पेंशन की उम्र सीमा को 2 साल के लिए बढ़ा सकता है. फिलहाल, पेंशन की उम्र सीमा 58 साल है. सूत्रों की मानें तो EPFO PF एक्ट 1952 को भी बदलने की तैयारी है.
1/7पेंशन निकासी (मतलब जिस उम्र में आपको पेंशन मिलना शुरू होगी) की उम्र सीमा को बढ़ाने की तैयारी है. EPFO ने इसके लिए एक प्रस्ताव बहुत पहले ही तैयार कर लिया था. लेकिन, अभी तक इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है. आसान भाषा में समझें तो पेंशन निकालने की उम्र सीमा को 58 साल से बढ़ाकर 60 साल किया जा सकता है. मतलब जो पेंशन आपको 58 की उम्र में मिलती थी, अब वो 60 की उम्र से मिलना शुरू होगी.
2/7मौजूदा नियम के मुताबिक, EPF सदस्य 58 साल की उम्र में पेंशन निकाल सकते हैं. लेकिन, अब पेंशन के लिए अब 2 साल का एक्सटेंशन दिया जा सकता है. हालांकि, यह व्यवस्था पूरी तरह वैकल्पिक होगी. अगर ईपीएफ सदस्य चाहेगा तो उसे 60 साल में पेंशन मिलनी शुरू होगी. अगर वो चाहे तो उम्र सीमा को 58 साल ही रख सकता है.
3/7पेंशन को लेकर EPFO का जो नियम है, उसके मुताबिक अलग-अलग जगह नौकरी करते हुए अगर आपकी सर्विस हिस्ट्री 10 साल की हो जाती है और इस बीच आप पेंशन को विथड्रॉ नहीं करते हैं तो आपकी पेंशन बंध जाती है. 58 साल की उम्र होने पर आपको मासिक पेंशन के तौर पर कुछ पैसे मिलने लगते हैं. अब इसी उम्र सीमा को EPFO 58 साल से बढ़ाकर 60 साल करने की तैयारी कर रहा है.
4/7EPFO का मानना है कि इस फैसले से पेंशन फंड में घाटा 30 हजार करोड़ रुपए तक कम हो जाएगा. यह पहली बार नहीं है जब EPFO पेंशन उम्र बढ़ाने का प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है. साल 2015 में भी EPFO ने इसका प्रस्ताव तैयार किया था. हालांकि, उस वक्त सरकार ने इसे खारिज कर दिया था. EPFO को प्रस्ताव पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के अलावा श्रम मंत्रालय और वित्त मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी.
5/7सूत्रों की मानें तो EPFO PF एक्ट 1952 को भी बदलने की तैयारी है. दरअसल, दुनियाभर में पेंशन फंड में पेंशन की उम्र 65 साल तय की गई है. EPF एक्ट में बदलाव करके भारत में भी पेंशन की उम्र सीमा को बढ़ाने की तैयारी है. हालांकि, इसे बढ़ाकर 65 साल तो नहीं किया जा सकता है. लेकिन, 2 साल का एक्सटेंशन दिया जा सकता है.
6/7EPFO सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में इस प्रस्ताव की समीक्षा हो सकती है. सबसे पहले बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ही पेंशन उम्र को बढ़ाने पर विचार-विमर्श करेंगे. बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को लेबर मिनिस्ट्री के पास भेजा जाएगा. अगर वहां से भी मंजूरी मिल जाती है तो अंतिम पड़ाव वित्त मंत्रालय होगा. वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद इसे कैबिनेट में भेज दिया जाएगा.
7/7नौकरीपेशा लोगों की सैलरी से हर महीने एक निश्चित रकम प्रोविडेंट फंड (PF) के तौर पर कटती है. वहीं, एम्प्लॉयर के हिस्से से भी उतनी ही रकम PF खाते में जमा होती है. लेकिन, एम्प्लॉयर के हिस्से से कटने वाली रकम को दो हिस्सों में बांटा जाता है. पहला PF और दूसरा पेंशन फंड (EPS) होता है. कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12 फीसदी हिस्सा EPF में जमा होता है. एम्प्लॉयर के हिस्से से 3.67 फीसदी EPF और 8.33 फीसदी हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा होता है.