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नॉमिनेशन की व्यवस्था उन स्थितियों में भी जरूरी होगी जहां ज्वाइंट होल्डर हैं.
Nomination for Mutual Funds: डीमैट के बाद सेबी ने अब म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) के लिए भी नॉमिनेशन की व्यवस्था को जरूरी करने का फैसला किया है. सेबी की तरफ से जारी एक सर्कुलर के मुताबिक 1 अगस्त 2022 से म्युचुअल फंड्स के जितने भी नए निवेशक जुड़ेंगे, उनके लिए नॉमिनेशन फॉर्म या आप्ट आउट डेक्लेरेशन फॉर्म का विकल्प देना होगा.
खबर के मुताबिक, यानि अगर कोई किसी को नॉमिनी न बनाना चाहे तो उसका भी विकल्प होगा. अगर कोई फिजिकल फॉर्म के जरिए अप्लाई करेगा तो दस्तखत जरूरी होगा. जबकि ऑनलाइन खरीदने वालों के लिए ई-साइन का विकल्प देना होगा.
31 मार्च 2023 तक है ये डेडलाइन
सेबी सर्कुलर के मुताबिक 31 मार्च 2023 तक सभी मौजूदा म्यूचुअल फंड निवेशकों (mutual fund investors)के नॉमिनेशन या ऑप्ट आउट डेक्लेरेशन की प्रक्रिया पूरी कर लेनी होगी. ऐसा न होने पर म्यूचुअल फंड खाता फ्रीज कर दिया जाएगा. सेबी ने कहा है कि सभी म्युचुअल फंड्स को ई-साइन की सुविधा और निवेशकों की गोपनीयता का ख्याल रखने की व्यवस्था कर लेनी होगी. नॉमिनेशन की व्यवस्था उन स्थितियों में भी जरूरी होगी जहां ज्वाइंट होल्डर हैं.
मंशा ये है कि नॉमिनेशन (Nomination for Mutual Funds) होने से आगे चलकर संपत्तियों का ट्रांसफर आसान हो। इससे पहले सेबी ने निवेशकों की भलाई के लिए शेयर ट्रांसफर के नियमों को भी आसान किया था.