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Top performing 5 Large cap Mutual Funds
Large cap Mutual Funds: म्यूचुअल फंड्स में निवेश को लेकर निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत है. इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में पिछले महीने (मार्च 2024) में 22,633 करोड़ रुपये का निवेश आया. स्मॉल एंड मिडकैप में बीते कुछ महीने में बिकवाली के बीच लार्ज कैप फंड्स पर एक बार फिर निवेशक बुलिश नजर आ रहे हैं. मार्च में लार्ज कैप फंड्स में निवेशकों ने 2128 करोड़ का निवेश किया.
एक्सपर्ट मानते हैं कि लार्ज कैप फंड्स में स्टैबिलिटी ज्यादा रहती है. मार्केट वॉलेटिलिटी का इन पर असर कम होता है. बीते सालभर में टॉप 5 लार्ज कैप फंड्स की बात करें तो इनमें निवेशकों को 55 फीसदी तक तगड़ा रिटर्न मिला है. आइए जानते हैं इन फंड्स में 15,000 मंथली SIP से निवेशकों को कितना फायदा हुआ.
Quant Large Cap Fund
क्वांट लार्ज कैप फंड का बीते एक साल में SIP रिटर्न 58.31 फीसदी रहा है. इसमें 15,000 मंथली SIP से सालभर में 2.33 लाख रुपये का फंड बना. जबकि कुल निवेश 1.80 लाख रुपये रहा. इस स्कीम में मिनिमम 1,000 रुपये से SIP कर सकते हैं.
बैंक ऑफ बड़ौदा ब्लूचिप फंड का बीते एक साल में SIP रिटर्न 45.31 फीसदी रहा है. इसमें 15,000 मंथली SIP से सालभर में 2.21 लाख रुपये का फंड बना. जबकि कुल निवेश 1.80 लाख रुपये रहा. इस स्कीम में मिनिमम 1,000 रुपये से SIP कर सकते हैं.
जेएम लार्ज कैप फंड का बीते एक साल में SIP रिटर्न 42.3 फीसदी रहा है. इसमें 15,000 मंथली SIP से सालभर में 2.19 लाख रुपये का फंड बना. जबकि कुल निवेश 1.80 लाख रुपये रहा. इस स्कीम में मिनिमम 100 रुपये से SIP कर सकते हैं.
निप्पॉन इंडिया लार्ज कैप फंड का बीते एक साल में SIP रिटर्न 38.4 फीसदी रहा है. इसमें 15,000 मंथली SIP से सालभर में 2.14 लाख रुपये का फंड बना. जबकि कुल निवेश 1.80 लाख रुपये रहा. इस स्कीम में मिनिमम 100 रुपये से SIP कर सकते हैं.
ITI लार्ज कैप फंड का बीते एक साल में SIP रिटर्न 40.62 फीसदी रहा है. इसमें 15,000 मंथली SIP से सालभर में 2.17 लाख रुपये का फंड बना. जबकि कुल निवेश 1.80 लाख रुपये रहा. इस स्कीम में मिनिमम 500 रुपये से SIP कर सकते हैं.
मार्केट एक्सपर्ट अजीत गोस्वामी के मुताबिक, लार्ज कैप कैटेगरी में स्टैबिलिटी होती है. कंपनियों के फंडामेंटल काफी मजबूत होते हैं, जिससे निवेशकों को डायवर्सिफिकेशन का फायदा होता है. लार्ज कैप फंड्स में ब्लू-चिप शेयर होते हैं. इनमें डिविडेंड से इनकम की क्षमता रहती है. वॉलेटिलिटी कम रहती है. लिक्विटी और अन्य ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत होते हैं. इनमें निवेशकां को एक स्टेबल और सतत रिटर्न मिलता है. निवेशकों को अलग-अलग सेक्टर की बड़ी कंपनियों में निवेश का मौका मिलता है.
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मार्च महीने में इक्विटी फंड्स में कुल 22633 करोड़ रुपये का इन्फ्लो आया. Large & Mid Cap Fund में 3215 करोड़ रुपये का इन्फ्लो आया. इसके बाद लार्जकैप फंड्स में 2128 करोड़, मल्टीकैप फंड्स में 1827 करोड़, मिडकैप फंड्स में 1018 करोड़ रुपये और सेक्टोरल फंड्स में 7917 करोड़ रुपये का इन्फ्लो आया. फ्लेक्सी कैप फंड्स में 2738 करोड़ रुपये का निवेश किया गया. खास बात यह है कि स्मॉलकैप फंड्स से 94 करोड़ रुपये का आउटफ्लो हुआ. फरवरी महीने में स्मॉलकैप फंड्स में 2922 करोड़ रुपये का निवेश आया था.
(डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. यहां निवेश की सलाह नहीं है. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)