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Janmashtami 2023: Key lesson of Dahi Handi
Key Lesson of Dahi Handi: जन्माष्टमी का त्योहार आज (7 सितंबर) देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है. जन्माष्टमी पर कई शहरों में 'दही हांडी' की परंपरा है. दही हांडी एक ऐसी परंपरा है, जिससे हम निवेश के कुछ खास टिप्स समझ सकते हैं. दही हांडी की तरह निवेश को लेकर भी मजबूत फाउंडेशन बनाना जरूरी होता है. वहीं, यह भी समझना जरूरी है कि निवेश पर कितना जोखिम ले सकते हैं.
दही हांडी की टीम हांडी तक पहुंचने के लिए एक मजबूत फाउंडेशन बनाती है, उसी तरह हमें भी निवेश की शुरुआत भी एक मजबूत बुनियाद से करनी चाहिए. इसमें एक तरीका सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) का है. SIP के जरिए धीरे-धीरे अपने निवेश की शुरुआत कर आधार बनाया जाए, तो लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन कर सकते हैं.
दही हांडी की बात हो या मनी मैनेजमेंट के जरिए निवेश लक्ष्य हासिल करने की बात, रिस्क उतना ही लेना चाहिए, जितना हम उठा सकते हैं. दही हांडी में कई बार ऐसा होता है कि टीम जल्दी से जल्दी हांडी तक पहुंचने के लिए काफी जल्दबाजी करती है, लेकिन आखिर तक पहुंचने से पहले घेरा टूट जाता है. टीम को फिर प्रयास करना पड़ता है. इससे हमें निवेश का सबक यह मिलता है कि रिस्क लीजिए लेकिन उतना ही रखिए, जितना कि आप उठा सकें.
निवेश लक्ष्य हासिल करने के दौरान ज्यादा लालच भी सही नहीं है. हमेशा अपने निवेश को लेकर धैर्य बनाए रखना चाहिए. दही हांडी में जिस तरह टीम मेम्बर, कितने घेरे बनाने है और किस तरह ऊपर जाना है, सबकुछ एक तरीके से होता है. गोविंदाओं की टीम बहुत ही धैर्य से सबकुछ करती है. इसी तरह, मनी मैनेजमेंट भी करना चाहिए. ज्यादा लालच से आपको नुकसान हो सकता है.
निवेश के लिए एक बड़ा सबक जो दही हांडी से मिलता है, वो है समय के साथ स्ट्रैटजी बदल देनी चाहिए. दही हांडी में एक या दो बार में सफलता नहीं मिलने पर दही हांडी में टीम स्ट्रैटजी बदल देती है. यही तरीका निवेश में अपनाना चाहिए. निवेश को लेकर लगातार नुकसान हो रहा है तो स्ट्रैटजी बदल देनी चाहिए.
(नोट: यह जानकारी बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम से बातचीत पर आधारित है.)
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