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TDS deduction from salary: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने सैलरी से टीडीएस (TDS) कटौती से संबंधित एक सर्कुलर जारी किया है.इसमें कहा है कि वेतन भुगतान के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को राशि का भुगतान करते समय इनकम टैक्स (income tax) कटवाना होगा. न्यूज एजेंसी IANS की खबर के मुताबिक, सर्कुलर में कहा गया है कि उस साल के लिए प्राप्तकर्ता की अनुमानित सैलरी से इनकम (आय) पर चालू वित्तवर्ष के लिए लागू दरों के आधार पर कैलकुलेशन किए गए औसत दर पर टैक्स काटा जाना चाहिए.
खबर के मुताबिक, सीबीडीटी ने पिछले हफ्ते सर्कुलर जारी किया था. यह वित्तवर्ष 2022-23 के लिए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 192 के तहत वेतन से स्रोत पर टैक्स की कटौती के संबंध में नियोक्ताओं के दायित्व की व्याख्या करता है. धारा 192 के मुताबिक, वेतन आय का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को प्राप्तकर्ता को एक बयान देना चाहिए, जिसमें उसे प्रदान किए गए वेतन और उसके मूल्य के बदले अनुलाभ या लाभ (perquisite or benefit) का सही और पूरी डीटेल दी गई हो.
उदाहरण के लिए अगर किसी की सैलरी से सलाना इनकम 6,00,000 रुपये है तो सेस सहित कुल सैलरी पर सामान्य दर के हिसाब से टैक्स 33,800 रुपये बनता है. टैक्स की औसत दर 5.63 प्रतिशत के हिसाब से 50,000 रुपये पर टैक्स कैलकुलेशन करने पर 2815 रुपये बनता है. यानी इस राशि पर हर महीने 235 रुपये टीडीएस (TDS) कटवाना होगा.
फिलहाल 2.50 लाख रुपये तक के सालाना इनकम पर कोई इनकम टैक्स (income tax) नहीं लगता है. 2.50 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक के इनकम पर 5 प्रतिशत इनकम टैक्स देना होता है. 5 लाख रुपये से 7.50 लाख रुपये पर 10 प्रतिशत इनकम टैक्स लागू है. 7,50,001 रुपये से 10 लाख रुपये तक के इनकम पर 15 प्रतिशत, 10,00,001 रुपये से 12.50 लाख रुपये तक के सालाना इनकम पर 20 प्रतिशत, 12,50,001 रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक पर 25 प्रतिशत और 15 लाख रुपये से ज्यादा के इनकम पर 30 प्रतिशत इनकम टैक्स चुकाना होता है.