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How to become Crorepati: पैसा कमाना आसान है, लेकिन बढ़ाना उतना ही मुश्किल. पैसा सुरक्षित रहे और बढ़िया रिटर्न भी देता रहे. ऐसा इंस्ट्रूमेंट ढूंढना मुश्किल नहीं है. निवेश की शुरुआत कीजिए और कमाल देखिए. लेकिन, अगर डिसिजन गलत हो गया तो पैसा उतना तेजी से नहीं बढ़ेगा. इसलिए जरूरी है सही प्लानिंग और यह जानना कि फायदा कहां मिलेगा. सबसे पहली बात- जितनी कम उम्र से आप निवेश करना शुरू करेंगे, भविष्य में आपका उतना बड़ा अमाउंट आप तैयार कर पाएंगे. हालांकि, करोड़पति बनना आसान नहीं है. लेकिन, अगर आप एक तय राशि लंबी अवधि के लिए निवेश करेंगे तो आप करोड़पति (How to become crorepati) भी बन सकते हैं. इसके पीछे काम करता है कम्पाउंडिंग (Compound interest) का फॉर्मूला. पावर ऑफ कम्पाउंडिंग (Power of compounding) का सिंपल फॉर्मूला यही है कि निवेश लंबी अवधि का होना चाहिए.
- मूल निवेश पर ब्याज
- दोनों रकम पर फिर से ब्याज का फायदा
- निवेश+ ब्याज+ ब्याज+ ब्याज= कम्पाउंडिंग
निवेश - 15,000 रुपए
अवधि - 15 साल
ब्याज - 15 फीसदी
कॉर्पस - 15 साल के बाद 1 करोड़ रुपए
कुल निवेश - 27 लाख रुपए
कम्पाउंडिंग - 73 लाख ब्याज से कमाई

अगर आप म्यूचुअल फंड के साथ मंथली SIP करते हैं. इसकी शुरुआत 10 हजार रुपए से करें. आमतौर पर म्यूचुअल फंड में रिटर्न 12 फीसदी तक मिल सकता है. यहां आपको 20 तक के लिए निवेश करना होगा. 20 साल में आपका कुल निवेश 24 लाख रुपए होगा. लेकिन, इस पर जो ब्याज मिलेगा वो 74.93 हजार रुपए होगा. मतलब यहां पावर ऑफ कम्पाउंडिंग ने काम किया. SIP की कुल वैल्यू 98.93 लाख रुपए रुपए पहुंच जाएगी. कुल 74.93 लाख रुपए का सिर्फ ब्याज आपने कमाया.
इसे ऐसे समझ सकते हैं कि कहीं निवेश करने पर आपकी जो कमाई होती है, उसे भी फिर से निवेश करना कंपाउंडिंग होता है. इसमें आपको मूलधन के साथ उसके ब्याज पर भी ब्याज मिलता है. कंपाउंडिंग आपके निवेश को बढ़ाने में जहां बड़ा जरिया है.
नोट: ऊपर दी गई कैलकुलेशन एक अनुमान के तौर पर बनाई गई है. किसी भी तरह के निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर करें.