मिडिल क्लास व्यक्ति अक्सर ये सोचता है कि वो कब इस बाउंड्री को तोड़कर करोड़पतियों की लिस्ट में शामिल होगा. लेकिन सही मायने में करोड़पति बनना कोई बड़ी बात नहीं है. बस इसके लिए आपको निवेश के लिए उन ऑप्शंस को चुनना होगा, जिनमें महंगाई को मात देने का दम हो. साथ ही निवेश के मामले में थोड़ा अनुशासित होना पड़ेगा. अगर आप भी करोड़पति बनने का सपना देखते हैं, तो इस सपने को कुछ वर्षों में पूरा कर सकते हैं. इसके लिए आपको खास फॉर्मूला अपनाकर निवेश करना होगा. यहां जानिए वो तरीका जिससे आप कुछ साल में ₹2,00,00,000 तक का फंड जोड़ सकते हैं.
1/52,00,00,000 का फंड जोड़ने के लिए आपको निवेश के मामले में 20X12X20 का फॉर्मूला अपनाना होगा. इसमें 20 का मतलब है कि आपको 20,000 रुपए का हर महीने निवेश करना होगा. 12 का मतलब 12% रिटर्न से है यानी ऐसी स्कीम में निवेश करना होगा जिसका रिटर्न 12 फीसदी हो और आखिर के 20 का मतलब है कि आपको इस निवेश को लगातार 20 वर्षों तक जारी रखना होगा.
2/5महंगाई को मात देने के लिहाज से आज के समय में SIP Mutual Funds को काफी पावरफुल ऑप्शन माना जाता है. मार्केट लिंक्ड स्कीम होते के बावजूद लॉन्ग टर्म में इसका औसत रिटर्न 12 फीसदी माना जाता है. कई बार इससे बेहतर रिटर्न भी मिल जाता है. ऐसे में आप समझ सकते हैं कि कंपाउंडिंग की पावर के साथ आप लंबे समय में इस स्कीम से अच्छा-खासा पैसा बना सकते हैं. ये स्कीम छोटे इन्वेस्टमेंट के साथ भी करोड़पति बना सकती है.
3/5अगर आप 20,000 रुपए हर महीने 20 वर्षों तक निवेश करते हैं, तो 20 वर्ष में कुल 48,00,000 रुपए का निवेश करेंगे, लेकिन इस पर आपको औसतन 12 प्रतिशत के हिसाब से 1,51,82,958 रुपए का ब्याज मिलेगा. 20 वर्षों में आपको निवेश की गई रकम और ब्याज समेत कुल 1,99,82,958 रुपए (करीब 2 करोड़ रुपए) मिलेंगे. अगर आप इस निवेश को सिर्फ 1 साल और जारी रख लें यानी कुल 21 साल तक चला लें तो 12 प्रतिशत रिटर्न के हिसाब से 2,27,73,484 रुपए तक जोड़ सकते हैं.
4/5हालांकि इतने निवेश के लिए आपकी आमदनी भी अच्छी होना जरूरी है. फाइनेंशियल रूल कहता है कि हर व्यक्ति को अपनी कमाई का कम से कम 20 फीसदी निवेश करना चाहिए. अगर आप हर महीने एक लाख रुपए कमाते हैं, तो 20 फीसदी के हिसाब से 20,000 रुपए आसानी से एसआईपी में निवेश कर सकते हैं.
5/5SIP मार्केट लिंक्ड स्कीम है. इसमें गारंटीड रिटर्न नहीं मिलता. ये कैलकुलेशन लॉन्ग टर्म में मिलने वाली 12 फीसदी की अनुमानित रिटर्न के आधार पर की गई है. ऐसे में रिटर्न अगर बेहतर मिला तो आपको और भी ज्यादा प्रॉफिट हो सकता है. वहीं अगर रिटर्न थोड़ा बहुत कम रहा तो मुनाफा भी कम हो सकता है. हालांकि SIP के मामले में अच्छी बात ये है कि इसमें सीधे स्टॉक की अपेक्षा जोखिम कम होता है और कंपाउंडिंग के साथ-साथ रुपी कॉस्ट एवरेजिंग का फायदा मिलता है. ऐसे में नुकसान की संभावना कम होती है. (डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन हैं. निवेश से पहले स्वयं पड़ताल कर लें या अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)