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Online Gaming GST: ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी के संशोधित नियमों पर विचार-विमर्श के बीच इंडस्ट्री के लिए गुरुवार को एक बड़ी खबर आई है. जीएसटी चोरी के आरोप में कारण बताओ नोटिस का सामना कर रही ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट को आज बड़ी राहत मिली है. कर्नाटक हाईकोर्ट ने गेम्सक्राफ्ट मामले में GST के कारण बताओ नोटिस को खारिज कर दिया है. इस फैसले को गेमिंग इंडस्ट्री के लिए बड़ा माना जा रहा है क्योंकि इससे ऑनलाइन गेमिंग पर 28% जीएसटी के सरकार के स्टैंड पर तस्वीर थोड़ी साफ हो सकती है.
GST डिपार्टमेंट ने कंपनी को 21,000 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड नोटिस दिया था. डिपार्टमेंट ने गेम्सक्राफ्ट् की सेवाओं को बेटिंग एंड गैंबलिंग मान कर 28% GST मांगा था. हाईकोर्ट ने इसके पहले 21,000 करोड़ के नोटिस को खारिज किया था, इसके बावजूद डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स इंटेलीजेंस ने शो-कॉज़ नोटिस भेजा था, जिसे सिंगल जज वाली बेंच ने आज खारिज कर दिया था.
इस समय ऑनलाइन गेमिंग पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है. टैक्स ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल से लिए जाने वाले कुल शुल्क पर लगाया जाता है. मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के समूह ने पिछले साल दिसंबर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी को लेकर एक रिपोर्ट सौंपी थी. हालांकि, इस बारे में अंतिम फैसला जीएसटी परिषद को लेना है. ऐसी रिपोर्ट्स थी कि सरकार ऑनलाइन गेमिंग पर 28 फीसदी जीएसटी लगा सकती है. लेकिन पिछले दिनों ऐसी खबरें भी आई थीं कि सरकार स्किल और लक के आधार पर इसमें 18 फीसदी और 28 फीसदी जीएसटी लगाने का फैसला कर सकती है.
एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है कि वित्त मंत्रालय ऑनलाइन गेमिंग को कौशल और किस्मत के खेल की श्रेणियों में बांटने और अलग-अलग दर से जीएसटी लगाने पर विचार कर रहा है. ऐसे ऑनलाइन गेम जहां जीत-हार का फैसला किसी निश्चित परिणाम पर निर्भर है या उसकी प्रकृति सट्टेबाजी या जुए की है, वहां 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. कौशल वाले ऑनलाइन गेम पर 18 प्रतिशत से कम कर लगाया जा सकता है. ऑनलाइन गेमिंग पर टैक्सेशन के बारे में अंतिम फैसला जीएसटी परिषद मई या जून में होने वाली अपनी अगली बैठक में करेगी.
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