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Money Making formula: कमाई, बचत और निवेश के बाद भी पैसा बनाना आसान काम नहीं. लेकिन, हकीकत यही है कि पैसे से ही पैसा बनाया जाता है. निवेश की रणनीति को समझने की जरूरत है. पहले प्लान करें, लक्ष्य तय करें और फिर निवेश करें. ध्यान रखें ऐसा प्रोडक्ट चुनें जो न सिर्फ आपके निवेश को बढ़ाए बल्कि आपके ब्याज की रकम को बढ़ाता जाए. बस यहीं काम आता है कम्पाउंडिंग (Compound interest) का फॉर्मूला. अगर आप कम्पाउंडिंग की ताकत को समझ लें तो आपको अमीर बनने में कोई रुकावट आड़े नहीं आएगी. कहीं भी निवेश करने से पहले जरूरी है कि आप फाइनेंशियल प्लानिंग (Financial Planning) कर लें. निवेश जितना जल्दी शुरू करेंगे, उतना फायदा मिलेगा. इन्वेस्टमेंट लंबी अवधि के लिए होना चाहिए. आइये समझते हैं…
चक्रवृद्धि ब्याज ((Power of Compounding) बचपन में स्कूल में भी इसे पढ़ाया जाता है. लेकिन, हकीकत में इसकी ताकत सिर्फ एक इन्वेस्टर को ही समझ आती है. आसान तरीके से समझें तो निवेश करने पर जो आपको ब्याज मिल रहा है, उस पर जो ब्याज मिलेगा वो कम्पाउंडिंग (Compound interest) कहलाता है. मूलधन के साथ उसके ब्याज पर भी ब्याज मिलता है. कम्पाउंडिंग (Compound interest) आपके निवेश को दोगुना, तीन गुना बना सकता है. म्यूचुअल फंड SIP में यही काम आता है.
- अनुमानित रिटर्न: 12 फीसदी (सालाना)
- निवेश की अवधि: 10 साल
- कुल निवेश: 12 लाख रुपए
- SIP की कुल वैल्यू: 23 लाख रुपए
- फायदा: 11 लाख रुपए
- अनुमानित रिटर्न: 12 फीसदी सालाना
- निवेश की अवधि: 15 साल
- आपका कुल निवेश: 18 लाख रुपए
- SIP की कुल वैल्यू: 49.96 लाख रुपए
- फायदा: 31.96 लाख रुपए
- अनुमानित रिटर्न: 12 फीसदी सालाना
- निवेश की अवधि: 20 साल
- आपका कुल निवेश: 24 लाख रुपए
- SIP की कुल वैल्यू: 98.93 लाख रुपए
- फायदा: 74.93 लाख रुपए
कम्पाउंडिंग की ताकत (Power of Compounding) तब समझ में आएगी, जब आप कम उम्र से ही निवेश की शुरुआत करेंगे. जितना ज्यादा वक्त अपने निवेश को देंगे, उतना ही फायदा आपको मिलेगा. 5-10 साल के बजाए 20-25 साल के निवेश पर कम्पाउंडिंग भी ज्यादा होगी.
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