भारतीय वायु सेना हमेशा ही देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सतर्क और तैनात रहती है. पठानकोट में एयरबेस पर हमला हो या पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमाओं में घुसने का प्रयास हो हर मौके पर वायु सेना ने दुश्मन को मुंहतोड जवाब दिया है. 71 वें गणतंत्र दिवस पर भारतीय वायु सेना अपनी क्षमताओं का राजपथ पर प्रदर्शन कर रही है. इस परेड में पहली बार अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर भी हिस्सा ले रहे हैं.
1/5इस बार पहली बार परेड में एएच-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर भी हिस्सा ले रहे हैं, इन हेलिकॉप्टरों में दो टर्बोशाफ्ट इंजन और चार ब्लेड लगे हैं. इस हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल हमले के लिए किया जाता है. कई मिशन में भी इसका इस्तेमाल होता है. इसमें नाइट विजन तकनीक है, जिससे यह रात में लक्ष्य भेद सकता है. अमेरिकी सेना भी इसी हेलीकॉप्टर का प्रयोग करती है. भारतीय वायुसेना के बेड़े में आठ अपाचे हेलीकॉप्टर शामिल हुए हैं, इसकी खरीद करने वाला भारत दुनिया का 16वां देश है.
2/5गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार सीएच-47 एफ चिनूक हेलीकॉप्टर ने भी हिस्सा लिया. ये हेलिकॉप्टर भारतीय सेना को हथियार और रसद ले जाने में मदद करता है. वायु सेना ने कुल 15 चिनूक खरीदे हैं. यह हेलीकॉप्टर 11 टन भार उठा सकता है. सामान्य हेलीकॉप्टर के विपरीत इसमें सिंगल रोटर इंजन है, जिससे यह घनी पहाड़ियों के बीच उड़ान भर सकता है.
3/5इस बार गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय वायु सेना के कुल 41 एयरक्राफ्ट हिस्सा ले रहे हैं. इनमें 16 फाइटर जेट, 10 ट्रांस्पोटर एयरक्राफ्ट और 15 हेलिकॉप्टर हिस्सा ले रहे हैं.
4/5इस साल जोधपुर में एयरफोर्स ने विमानों में लगने वाले हथियारों का भी प्रदर्शन किया है. इसमें एयरक्राफ्ट मिसाइल और मशीन गन दिखाई गई. इस मौके पर एयरफोर्स के कमांडो ने पैराशूट से जम्प करके भी दिखाया. इस मौके पर कई स्कूलों के बच्चे इस प्रदर्शनी को देखने पहुंचे.
5/5गणतंत्र दिवस पर एयर फोर्स के जवानों से भी परेड में हिस्सा लिया. सजे धजे एयरफोर्स के कमांडो का राजपथ पर मार्च देख कर उनके बुलंद हौसले, साहस और हिम्मत का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है.