केंद्रीय पशुपालन मत्स्यपालन और डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि पहले दक्षिण भारत और समुद्र के नजदीक के प्रांतों से ही मछली और उससे जुड़े उत्पादों का निर्यात होता था, लेकिन अब उत्तर भारत भी मछली निर्यात का केंद्र बनेगा.
1/9सरकार ने मछली उत्पादन में तकनीक के इस्तेमाल से मछुआरों की आमदनी बढ़ाकर दोगुना करने का टारगेट तय किया है. सरकार भारत में मछली पालन के लिए केज कल्चर को बढ़ावा देगी.
2/9उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खारे पानी के तालाबों में श्रिंप यानी झींगा मंछली उत्पादन की अपार संभावना है. यहां मछली पालन को बढ़ावा देकर मछली एक्सपोर्ट का हब बनाया जाएगा.
3/9सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत अगले पांच साल में देश में मछली पालन को बढ़ावा देने और निर्यात को दोगुना करने के टारगेट को हासिल करने की प्लानिंग तैयार की है.
4/9भारत में मछली उत्पादन के क्षेत्र में अपार संभावानाएं हैं और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 20,050 करोड़ रुपये की राशि के निवेश से इस क्षेत्र को मजबूती मिलेगी.
5/9देश से मछली उत्पादों का निर्यात अगले पांच साल में 46,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है.
6/9पिछले दिनों सरकार ने कोरोना महामारी के संकट से देश की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी.
7/9इस पैकेज में मछली पालन क्षेत्र के लिए भी पीएमएमएसवाई के तहत 20,050 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. इस पैकेज को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है.
8/9मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मछली पालन क्षेत्र में बुनियादी संरचना निर्माण, आधुनिकीकरण, उत्पादन ट्रेंसिबिलिटी, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट और क्वालिटी कंट्रोल पर जोर दिया जाएगा.
9/9मछली पालन में तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे मछुआरों को समुद्र में मछली पकड़ने के लिए भी जानकारी मिलेगी कि कहां पर उनकों मछली मिल सकती है. साथ ही मछुआरों को समुद्री सीमा और मौसम की भी जानकारी मिलती रहेगी.