मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण पश्चिम मॉनसून (Southwest monsoon) दक्षिण बंगाल की खाड़ी, निकोबार प्रायद्वीप और अंडमान सागर के कुछ इलाकों में पहुंच गया है. मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण पश्चिम मानसून अगले 48 घंटे के दौरान दक्षिण बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) , अंडमान सागर, एवं अंडमान प्रायद्वीप के बाकी हिस्सों और पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक पहुंच जाएगा.
1/5रिपोर्ट के मुताबकि दक्षिण पश्चिम मॉनसून के और आगे बढ़ने से पिछले 24 घंटे के दौरान निकोबार प्रायद्वीप की ज्यादातर हिस्सों में बारिश दर्ज हुई है. दक्षिण पश्चिम हवा निचले स्तरों पर तेज हो चुकी है और दक्षिण अंडमान सागर, निकोबार प्रायद्वीप और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्सों में ये हवा 6 किलोमीटर तक महसूस की जा रही है. दक्षिण बंगाल की खाड़ी और निकोबार प्रायद्वीप से सटे दक्षिण अंडमान सागर में 15 मई के बाद से बादल छाए हुए हैं.
2/5मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों में अंडमान एवं निकोबार प्रायद्वीप के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है. कुछ जगहों पर भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है. मौसम विभाग (weather department) ने मॉनसून (Monsoon 2020) का अनुमान जारी करते हुए कहा था कि मॉनसून शनिवार, 16 मई तक अंडमान पहुंच सकता है. अंडमान से होता हुआ मॉनसून 1 जून तक केरल के तटों पर दस्तक देगा. वहां से अपनी यात्रा शुरू करते हुए यह 11 जून तक मुंबई और फिर 27 जून तक दिल्ली पहुंच सकता है.
3/5सामान्य रहेगा मॉनसूनभारतीय मौसम विभाग (IMD) ने साल के पहले दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून का पूर्वानुमान जारी कर दिया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD-India Meteorological Department) ने मॉनसून को लेकर दीर्घ अवधि (Long Range Forecast (LRF) अनुमान जारी किया है. मौसम विभाग का कहना है कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सामान्य रहने का अनुमान है.
4/5मॉनसून सीजन यानी जून-सितंबर के दौरान 100 फीसदी बारिश होने की उम्मीद जताई है. हर साल अप्रैल और जून में मौसम विभाग पूरे देश में मॉनसून की स्थिति का अनुमान जारी करता है.
5/5चार महीने (जून-सितंबर) का दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक जून को केरल में दस्तक दे सकता है. लॉकडाउन और कोरोना के बीच देश की अर्थव्यवस्था के लिए ये पूर्वानुमान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. किसानों की नजरें भी अच्छे मॉनसून की तरफ टिकी हैं. मौजूदा समय में देश के मध्य भागों में गर्मी का असर दिखना शुरू हो चुका है. गुजरात के कई इलाके लू की चपेट में आ गए हैं. अब मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी इसका असर नजर आ सकता है. वहीं जम्मू-कश्मीर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में भारी बारिश की आशंका है.