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भविष्य की पीढ़ियों पर टैक्स का बोझ डालेगी OPS. (File Photo)
Old Pension Scheme latest news: पिछले कुछ महीनों से पुरानी पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme) काफी चर्चा में है. हाल ही में हिमाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में पुरानी पेंशन स्कीम अहम चुनावी मुद्दा बना था. कुछ गैर-भाजपा शासित राज्यों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री की इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल(EAC to PM) के सदस्य संजीव सान्याल ने कहा कि बिना योगदान वाली या पुरानी पेंशन योजनाएं का बोझ भविष्य की पीढियों पर पड़ेगा.
सान्याल ने आगे कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी में मौजूदा तनाव और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की ग्रोथ रेट को बार-बार कम करने के मद्देनजर यह स्पष्ट है कि 2023 एक मुश्किल साल होने वाला है. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, यह बिलकुल स्पष्ट होना चाहिए कि बिना योगदान वाली पेंशन योजनाएं भावी पीढ़ियों पर टैक्स का बोझ डालेंगी. बीते कुछ दशकों में बहुत ही कठिनाई के साथ जो पेंशन सुधार किए गए हैं उनसे हटकर कदम उठाते वक्त बहुत ही ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है.
ओपीएस (Old Pension Scheme) के तहत पेंशन की पूरी राशि सरकार देती थी. इस योजना को तत्कालीन NDA सरकार ने 1 अप्रैल, 2004 से बंद कर दिया था. नई पेंशन योजना (New Pension Scheme) के तहत कर्मचारी अपनी पेंशन में मूल वेतन का 10% योगदान देते हैं जबकि राज्य सरकार का योगदान 14% होता है.
कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ ओपीएस लागू करने का फैसला ले चुके हैं, झारखंड ने भी पुरानी पेंशन योजना को अपनाने का फैसला किया है. वहीं आम आदमी पार्टी शासित पंजाब ने भी ओपीएस को फिर से लागू करने की हाल में मंजूरी दी है.
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चीन के साथ व्यापार घाटे को कम करने के लिए सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए, इस सवाल के जवाब में सान्याल ने कहा, किसी भी एक देश पर निर्भरता परेशानी का सबब होती है और इस बात को हमें गंभीरता से लेना चाहिए. प्रयास किए जा रहे हैं कि दवाओं के अहम घटक या विनिर्माण के लिए चिप समेत जरूरी वस्तुएं मंगवाने के लिए केवल एक देश पर निर्भर नहीं रहा जाए. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि हमारे उद्योगों के लिए जो अहम घटक या कलपुर्जे हैं उनका विनिर्माण कुछ हद तक देश में ही हो सके इसलिए सरकार प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI Scheme) योजना समेत अन्य प्रयासों पर विशेष बल दे रही है.
बता दें कि सरकार ने 14 क्षेत्रों के लिए PLI योजना की घोषणा की है. इसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना, निर्यात को बढ़ावा देना और रोजगार सृजन करना है. सान्याल ने कहा, भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ में जुझारूपन रहेगा. अभी यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और ज्यादातर संकेतक बताते हैं कि 2023-24 में भी यह रफ्तार कायम रहेगी. हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत को कोविड-19 का प्रकोप फिर शुरू होने की आशंका के मद्देनजर सतर्क रहना होगा.
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