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प्रतीकात्मक तस्वीर. पीटीआई फोटो
paternity leave in Meesho: नौकरी करने वाले लोगों के लिए छुट्टियों का महत्व काफी अधिक होता है. हर कंपनी का छुट्टी को लेकर अलग पॉलिसी होती है. कहीं ज्यादा तो कहीं कम यह कंपनी पर निर्भर करता है कि वह अपने कर्मचारियों को साल में कितनी छुट्टी देता है. हर कंपनी में सीएल, पीएल, सीक लीव तरह के कई छुट्टियां कर्मचारियों के लिए तय रहती है. छुट्टी हर किसी की जरूरत भी है पर्सनल काम से लेकर कई ऐसे मौके होते हैं जहां लोगों को छुट्टियों की जरूरत पड़ती है.
हाल ही में एक कंपनी ने अपने कर्मचारियों को 6 महीने से अधिक छुट्टी देने का ऐलान किया है. लेकिन यह छुट्टी सभी के लिए नहीं है, इस छुट्टी को लेने वालों के पास वेलिड रिजन होना चाहिए जिसके लिए कंपनी ने इस छुट्टी का ऐलान किया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सोशल कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो ने अपने कर्मचारियों के लिए समावेशी नीतियों को लागू करने के अपने प्रयासों के तहत 30-सप्ताह की माता-पिता को अवकाश देने की नीति की घोषणा की.
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मीशो ने एक बयान में कहा, नीति को कर्मचारियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिहाज से तैयार किया गया है. घर में बच्चे का जन्म होने पर कंपनी उसके यहां काम करने वाले माता-पिता जो भी होंगे उन्हें 30 सप्ताह अवकाश देगी. बयान में कहा गया है कि नई नीतियां उभरती सामाजिक मान्यताओं को भी दर्शाती हैं और कर्मचारियों के लिंग या यौन पहचान से हटकर गैर-भेदभावपूर्ण लाभ सुनिश्चित करती हैं. मीशो के करीब 1,000 कर्मचारी हैं.
पीटीआई के मुताबिक कंपनी ने कहा, "30-सप्ताह की छुट्टी नीति, महिलाओं, पुरुषों, विषमलैंगिक या समान-लिंग वाले जोड़ों पर समान रूप से लागू होती है ताकि वे अपने बच्चों के लिए उपस्थित रह सकें."कंपनी ने कहा है कि यदि उसका कर्मचारी प्राथमिक तौर पर बच्चे की देखभाल करने वाला है तो वह एक साल तक के अवकाश लेने का पात्र है. इसमें 30 सप्ताह का अवकाश पूर्ण वेतन के साथ और शेष तीन माह के लिये वेतन का 25 प्रतिशत भुगतान पाने का हकदार होगा.