Delhi GRAP-3 Restrictions: दिल्ली में एक बार फिर से हवा हुई खतरनाक, निर्माण कार्य सहित इन कामों पर लगा प्रतिबंध

Delhi GRAP-3 Restrictions: दिल्ली में बिगड़ती हवा के चलते एक बार फिर से केंद्र सरकार ने दिल्ली-NCR में गैर जरूरी निर्माण कार्य और बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चार पहिया वाहनों के सड़कों पर दौड़ने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है.
Delhi GRAP-3 Restrictions: दिल्ली में एक बार फिर से हवा हुई खतरनाक, निर्माण कार्य सहित इन कामों पर लगा प्रतिबंध

(Source: PTI)

Delhi GRAP-3 Restrictions: केंद्र सरकार ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के बीच क्षेत्र में गैर जरूरी निर्माण कार्य और बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चार पहिया वाहनों के सड़कों पर दौड़ने पर प्रतिबंध लगाने का रविवार को आदेश दिया. दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण से निपटने की रणनीतियां बनाने और उनके क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार वैधानिक निकाय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने कहा कि प्रतिकूल जलवायु संबंधी परिस्थितियों और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के कारण दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (सुबह 10 और 11 बजे क्रमश: 458 और 457) काफी बढ़ गया है.

दिल्ली में लागू हुआ GRAP 3

लंबे समय तक वायु गुणवत्ता खराब रहने का अनुमान लगाते हुए समिति ने तुरंत ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (ग्रैप) के तीसरे चरण के प्रतिबंध लागू करने का फैसला किया है. प्रतिबंधों में क्षेत्र में गैर जरूरी निर्माण कार्य और बीएस-3 पेट्रोल तथा बीएस-4 डीजल चार पहिया वाहनों के सड़कों पर दौड़ने पर रोक शामिल है. राष्ट्रीय सुरक्षा या रक्षा, राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं, स्वास्थ्य देखभाल, रेलवे, मेट्रो रेल, हवाई अड्डों, अंतर-राज्यीय बस टर्मिनल, राजमार्ग, सड़क, फ्लाइओवर, पुल, बिजली ट्रांसमिशन पाइपलाइन, सफाई और जल आपूर्ति से जुड़े निर्माण कार्य को प्रतिबंध से छूट दी गयी है.

Add Zee Business as a Preferred Source

क्या है GRAP 3?

ग्रैप सर्दियों के दौरान क्षेत्र में लागू की जाने वाली केंद्र की वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना है. इसमें चार चरणों के तहत प्रतिबंधों को वर्गीकृत किया गया है : पहला चरण - ‘खराब’ (एक्यूआई 201-300), दूसरा चरण - ‘बहुत खराब’ (एक्यूआई 301-400), तीसरा चरण - ‘गंभीर’ (एक्यूआई 401-450) और चौथा चरण - ‘अत्यधिक गंभीर’ (एक्यूआई 450 से अधिक) है.

कैसी है दिल्ली की हवा

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, रविवार को आनंद विहार में हवा की गुणवत्ता पीएम 2.5 और पीएम 10 के 500 को पार करने के साथ "गंभीर" श्रेणी में गिर गई, जबकि एनओ2 133 और सीओ 132 पर पहुंच गया, दोनों "मध्यम" श्रेणी में थे. आईटीओ पर एक्‍यूआई भी 'गंभीर' श्रेणी में बना हुआ है, जिसमें पीएम 2.5 500 के स्तर को पार कर गया है और पीएम 10 480 या "गंभीर" स्तर पर है. सीओ 110 या "मध्यम" दर्ज किया गया था.

पंजाबी बाग में पीएम 2.5 भी 477 पर पहुंच गया, जबकि पीएम 10 404 पर था, दोनों 'गंभीर' श्रेणी में थे. जहांगीरपुरी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन पर हवा की गुणवत्ता भी पीएम 2.5 462 और पीएम 10 455 के साथ 'गंभीर' श्रेणी में प्रवेश कर गई. सीओ भी 97 या 'संतोषजनक' पर पहुंच गया. ओखला फेज-2 में पीएम 2.5 500 अंक से ऊपर और पीएम 10 487 पर दोनों 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया गया. मुंडका में एक्‍यूआई पीएम 2.5 365 और पीएम 10 210 या "बहुत खराब" के साथ 'बहुत खराब' श्रेणी में रहा.