RBI MPC Meeting: साल 2024 में महंगाई में और कमी आने की उम्‍मीद: आरबीआई गवर्नर 

RBI Monetary Policy: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank Of India) की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के नतीजे सामने आ गए हैं. रेपो रेट में इस बार भी कोई बदलाव नहीं हुआ है. वहीं महंगाई को लेकर भी गवर्नर शक्तिकान्‍त दास ने बड़ी बात कही है.
RBI MPC Meeting: साल 2024 में महंगाई में और कमी आने की उम्‍मीद: आरबीआई गवर्नर 

RBI MPC Meeting: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के (Reserve Bank Of India) की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के नतीजे सामने आ गए हैं. आरबीआई ने इस बार भी पॉलिसी दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. रेपो रेट 6.50 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. फरवरी से अब तक ये छठवीं बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट स्थिर रखे हैं. ऐसे में आम आदमी के लिए राहत भरी खबर है.

इसके साथ ही महंगाई को लेकर आरबीआई गवर्नर शक्तिकान्‍त दास ने कहा कि महंगाई में गिरावट देखने को मिल रही है. महंगाई दर 4% लाने का लक्ष्‍य है. खाद्य कीमतों में अनिश्चितता का महंगाई पर असर है. 2024 में महंगाई में और कमी आने की उम्‍मीद है. FY24 के लिए महंगाई दर 5.4 पर बरकरार है.

महंगाई पर और क्‍या बोले गवर्नर

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MPC का लक्ष्य है कि महंगाई दर को 4% के नीचे लाया जाए. साथ ही 2024 में महंगाई दर के और नीचे आने की उम्मीद है. FY24 के लिए महंगाई दर 5.4% पर रहने का अनुमान है. FY25 के लिए महंगाई दर 4.5% रहने का अनुमान है. Q1FY25 में सीपीआई के 5% पर रहने का अनुमान है. Q2FY25 में सीपीआई के 4 फीसदी पर बरकरार रहने के अनुमान हैं. Q3FY25 में महंगाई दर अनुमान 4.7 फीसदी से घटकर 4.6 फीसदी पर किया गया है. Q4FY25 में महंगाई दर 4.7 फीसदी पर रह सकती है.

क्‍या होती है महंगाई दर

जब किसी देश में वस्तुओं या सेवाओं की कीमतें सामान्य से अधिक हो जाती हैं तो इस स्थिति को महंगाई (Inflation) कहते हैं. इसे जब प्रतिशत में व्यक्त करते हैं तो यह महंगाई दर कहलाती है. किसी वस्तु की कीमत एक साल पहले क्या थी और वर्तमान में उसकी कीमत क्या है, इसके अंतर से मुद्रास्फीति का पता चलता है.

बता दें कि आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक हर दो महीने में होती है. वैसे विशेष परिस्थिति में कमिटी कभी भी अपने अचानक लिए फैसले का ऐलान कर सकती है. मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी या एमपीसी, महंगाई के टारगेट को हासिल करने के लिए जरूरी नीतिगत दर यानी रेपो रेट तय करता है.

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