भारत में अगले 5 साल में आ सकता है 475 अरब डॉलर का FDI, इन बातों का रखना होगा खास ध्यान

सुधारों और आर्थिक बढ़ोतरी पर ध्यान देकर भारत अगले 5 सालों में 475 अरब अमेरिकी डॉलर का फॉरेन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट (FDI) हासिल कर सकता है.
भारत में अगले 5 साल में आ सकता है 475 अरब डॉलर का FDI, इन बातों का रखना होगा खास ध्यान

भारत में अगले 5 साल में आ सकता है 475 अरब डॉलर का FDI, इन बातों का रखना होगा खास ध्यान (Reuters)

सुधारों और आर्थिक बढ़ोतरी पर ध्यान देकर भारत अगले 5 सालों में 475 अरब अमेरिकी डॉलर का फॉरेन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट (FDI) हासिल कर सकता है. EY और CII की संयुक्त रूप से तैयार की गई रिपोर्ट- 'विजन विकसित भारत - एमएनसी के लिए अवसर तथा अपेक्षाएं' में ये अनुमान जताया गया है. इस रिपोर्ट के मुताबिक 71 प्रतिशत मल्टीनेशनल कंपनियों (MNC) ने अपने वैश्विक विस्तार के लिए भारत को एक आकर्षक निवेश गंतव्य माना है, जबकि 96 प्रतिशत ने कहा कि वे काफी लंबे समय के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में सकारात्मक हैं.

मल्टीनेशनल कंपनियों को भारतीय अर्थव्यवस्था के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

MNC ने भारत में GST लागू किए जाने, विभिन्न सेक्टरों में सरकार द्वारा डिजिटल प्रथाओं को बढ़ावा देने और टैक्सेशन में पारदर्शिता सहित अन्य सुधारों की सराहना की. इस सर्वे के अनुसार ज्यादातर मल्टीनेशनल कंपनियों को लगता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अगले 3 से 5 सालों में काफी बेहतर प्रदर्शन करेगी.

Add Zee Business as a Preferred Source

इन चीजों पर ध्यान देकर 5 सालों में 475 अरब डॉलर का एफडीआई पा सकता है भारत

ईवाई-सीआईआई की रिपोर्ट कहती है, ''भारत डेवलपमेंट और इकोनॉमिक ग्रोथ पर ध्यान देकर अगले 5 सालों में 475 अरब अमेरिकी डॉलर का एफडीआई पाने का अवसर तैयार कर सकता है.'' भारत में पिछले दशक में एफडीआई में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है. वित्त वर्ष 2021-22 में 84.8 अरब डॉलर की रिकॉर्ड एफडीआई आवक हुई.

मल्टीनेशनल कंपनियों को सरकार से क्या हैं उम्मीदें

EY इंडिया के पार्टनर (टैक्स और रेगुलेटरी सर्विसेज) सुधीर कपाड़िया ने कहा, ''भारत को ग्लोबल वैल्यू चेन में एक उभरते हुए मैन्यूफैक्चरिंग सेंटर, बढ़ते कंज्यूमर मार्केट और सरकारी तथा प्राइवेट सेक्टरों के डिजिटल चेंज में एक ग्लोबाल लीडर के रूप में देखा जा रहा है.'' सर्वे में कहा गया कि मल्टीनेशनल कंपनियों को सरकार से उम्मीद है कि वे कारोबारी सुगमता को जारी रखे, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेजी से पूरा करे, मुक्त व्यापार समझौते शीघ्रता से किए जाएं तथा जीएसटी में जरूरी सुधार हों.

भाषा इनपुट्स के साथ

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6