Budget2020: भारतनेट प्रोजेक्ट के लिए 6,000 करोड़ रुपये मिले, गांव इंटरनेट से जुड़ेंगे

#BudgetOnZee: भारत नेट योजना (BharatNet Project) के तहत देश के एक लाख ग्राम पंचायतों में हर घर में ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचाने के लिए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 6000 करोड़ रुपए का बजट देने का ऐलान किया हैं. इस बजट के जरिए 1 लाख करोड़ पंचायत को जोड़ने की योजना हैं. वहीं उन्होंने इस मौके पर कहा कि प्राइवेट सेक्टर में डेटा सेक्टर के लिए प्रोत्साहन का काम भी करेंगी.
Budget2020: भारतनेट प्रोजेक्ट के लिए 6,000 करोड़ रुपये मिले, गांव इंटरनेट से जुड़ेंगे

भारत नेट प्रोजेक्ट को बजट में मिले 6000 करोड़ रुपये (फाइल फोटो)

#BudgetOnZee: भारत नेट योजना (BharatNet Project) के तहत देश के एक लाख ग्राम पंचायतों में हर घर में ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचाने के लिए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 6000 करोड़ रुपए का बजट देने का ऐलान किया हैं. इस बजट के जरिए 1 लाख करोड़ पंचायत को जोड़ने की योजना हैं. वहीं उन्होंने इस मौके पर कहा कि प्राइवेट सेक्टर में डेटा सेक्टर के लिए प्रोत्साहन का काम भी करेंगी.

2011 में शुरु हुआ था प्रोजेक्ट
भारत नेट परियोजना नेशनल आप्टिकल फाइबर नेटवर्क का नया ब्रांड नाम है. इस प्रोजेक्ट को लगभग 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबेंड कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए अक्टूबर 2011 में शुरू किया गया था. 2015 में इस प्रोजेक्ट का नाम बदल कर भारत नेट रख दिया गया था. इस प्रोजेक्ट के तहत 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को 100 MBPS स्पीड के इंटरनेट के जरिए जोड़ना था.

2018 में पहला फेज पूरा हुआ
भारत नेट परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए सरकार ने बताया था कि जनवरी, 2018 को भारतनेट परियोजना के पहले चरण को पूरा कर लिया गया और देश में 1 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर बिछा दिया गया. सरकार ने आशा व्यक्त की है कि भारत नेट परियोजना के दूसरे चरण (2nd phase) में अतिरिक्त 1.5 लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जा सकेगी और यह कार्य 2018 के दिसंबर महीने से पहले पूरा कर लिया जायेगा.

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ये है प्लानिंग
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य था की मौजूदा ओप्टिकल फाइबर नेटवर्क को ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाना है. ग्रामीण क्षेत्रों में डेटा, आवाज और वीडियो के माध्यम से संपर्क किया जा सके इसके लिए ऐसे नेटवर्क को विकसित किया जा रहा है. इसके लिए राज्य और निजी क्षेत्रों के साथ साझेदारी करके ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में नागरिकों या लोगों को सस्ती ब्रॉडबैंड सेवाएं देने के लिए प्रयास किया जा रहा है.