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'कन्या सुमंगला योजना' के तहत बेटियों को मिलेगी आर्थिक सहायता. (फोटो: Unicef)
उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्य के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को 4.79 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया. बजट में योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों, स्वास्थ्य सुविधाओं और युवाओं के लिए नौकरियों पर ध्यान केंद्रित किया है. बजट में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 892 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय फसल बीमा योजना के लिए 450 करोड़ रुपये और किसानों को उर्वरक साम्रगी को खरीदने में समस्या न हो, इसलिए उर्वरकों के पूर्व भंडारण के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
योगी सरकार ने 150 करोड़ रुपये की लागत से ग्रामीण क्षेत्रों में 500 बाजारों को विकसित करने का भी निर्णय लिया है. बजट में 1,840 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेंहू खरीदने का प्रस्ताव रखा गया है.
इसके अलावा यूपी सरकार ने केंद्र की सुकन्या समृद्धि योजना की तर्ज पर बेटियों के लिए 'कन्या सुमंगला' योजना की घोषणा की है. 'कन्या सुमंगला' योजना के लिए सरकार ने बजट में 1200 करोड़ का प्रावधान किया है.
'कन्या सुमंगला योजना'
बेटियों की पढ़ा-लिखकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार ने इस योजना को शुरू किया है. 'कन्या सुमंगला योजना' के तहत बेटी के पैदा होने से लेकर उसकी पढ़ाई, उच्च शिक्षा और आर्थिक सहायता इस योजना के तहत दी जाएगी. बेटी के कक्षा छह में पहुंचने पर तीन हजार रुपये, कक्षा आठ में पहुंचने पर पांच हजार, 10 में पहुंचने पर सात हजार और कक्षा 12 में पहुंचने पर आठ हजार रुपये दिए जाने की बात कही गई है. जब बेटी 21 साल की होगी, उस समय उसे एकमुश्त दो लाख रुपये मिलेंगे.
इस योजना को ऐलान करते हुए वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बेटियों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के स्टार में वृद्धि करने, उनके भविष्य को उज्जवल बनाने, महिलाओं के प्रति सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने एवं उनके प्रति सम्मान भाव जागृत करने के उद्देश्य से आगामी वित्तीय वर्ष से कन्या सुमंगला योजना लाई जा रही है. इसके लिए 1200 करोड़ रुपये की व्यवस्था दी गई है.
केंद्र की सुकन्या समृद्धि योजना
मोदी सरकार ने साल 2015 में बालिकाओं के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) आरंभ की थी. इस योजना के तहत किसी बच्ची के जन्म लेने के बाद से 10 साल से पहले की उम्र में कम से कम 250 रुपये जमा करके अकाउंट खोला जा सकता है. चालू वित्त वर्ष में इसके तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कराए जा सकते हैं. इस अकाउंट को खोलने के बाद यह बेटी के 21 साल के होने पर या 18 साल की उम्र के बाद उसकी शादी होने तक चलाया जा सकता है. खाता खोलने के 14 साल तक इसमें पैसा जमा करना होगा. सुकन्या समृद्धि योजना का खाता आप किसी भी पोस्ट ऑफिस या बैंकों के अथॉराइज्ड ब्रांच में खुलवा सकते हैं. आम तौर पर जो भी बैंक पीपीएफ खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध कराते हैं, वे सुकन्या समृद्धि योजना का खाता भी खोलते हैं.