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जिंदगी में पहली बार देखी इतनी बड़ी रकम. (File Photo)
Success Story: वीथिका हलदर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की मछली पालन (Fish Farming) में एक सफल महिला एग्रीप्न्योर हैं. वीथिका ने एग्रीकल्चर (Agriculture) में केवल इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की है. 12वीं करने के बाद उन्होंने अपनी मां के साथ खेतों में मजदूर के रूप में काम करना शुरू किया. खेतों में मजदूरी करने के दौरान वीथिका को एग्री-क्लीनिक और एग्री-बिजनेस सेंटर स्कीम के बारे पता चला और उन्होंने ट्रेनिंग के लिए नोडल अधिकारी से संपर्क किया. यहीं से उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया और अब वो मोटी कमाई के साथ कई महिला किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत्र बन गई हैं.
एग्री बिजनेस ट्रेनिंग के लिए वीथिका ने इंडियन सोसायटी ऑफ एग्री-बिजनेस प्रोफेशनल्स (ISAP) के नोडल अधिकारी से संपर्क किया और ट्रेनिंग शामिल हुईं. वीथिका जिले की कई महिला किसानों के लिए एक जिज्ञासा का केंद्र बन गई हैं. ट्रेनिंग के बाद उसने मछली पालन का काम शुरू किया. इसके लिए उसने लोन के लिए आवेदन किया है और वह अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहती है.
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वीथिका का कहना है कि मछली पालन में एग्री-क्लीनिक और एग्री-बिजनेस सेंटर ट्रेनिंग ने उन्हें मछली पालन में तकनीकी जानकारी हासिल करने में मदद की. ट्रेनिंग के बाद उसने मछली दो बिजनेस हाउस से संपर्क किया और फिंगरलिंग्स की उपलब्धता के लिए अनुरोध किया. एक दुकान ने उसे उधार पर फिंगरलिंग्स की सप्लाई करने का वादा किया. बिना देर किए, उसने अपने परिवार के सदस्यों की मदद ली और उसके सूखे तालाब को खोद डाला.
मैनेज के मुताबिक, बरसात के मौसम में तालाब पानी से भर जाता है और पहले सीजन में उसने रोहू, कतला और मृगल प्रजातियों की फिंगरलिंग्स को डाला. पहले उत्पादन में उसने 20,000 रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया. वीथिका ने कहा, मैंने अपनी जिंदगी में इतनी बड़ी रकम पहले कभी नहीं देखी. आज उनके फर्म ब्यूटी फिश फार्मिंग का सालाना टर्नओवर 3 लाख रुपये से ज्यादा है. उनसे से 50 किसान जुड़े हुए हैं.
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