Kisan Drone Yojana: श्रमिकों की कमी और खेती के प्रति घटते रुझान की वजह से एग्री सेक्टर (Agri Sector) में बदलाव आया है. पहले जहां किसानों को फसलों की बुवाई और कटाई में कई दिन लग जाते थे, आज एग्री मशीनों के इस्तेमाल से यह काम बहुत आसानी से कम समय में पूरा हो जाता है. इससे किसानों की लागत और मेहनत दोनों कम हो जाती हैं. इसके साथ ही, फसल की गुणवत्ता और किसानों की आमदनी, दोनों बढ़ जाती है. (Image- Freepik)
1/6बीते कुछ वर्षों में खेती में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है. खेती में ड्रोन का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है. केंद्र और राज्य सरकारें खेती में तकनीक के इस्तेमाल को काफी बढ़ावा दे रही है, ताकि बेहतर उपज के साथ किसानों के आय में बढ़ोतरी हो सके. (Image- Freepik)
2/6ड्रोन का सबसे ज्यादा फायदा यह है कि बड़े एरिया में भी आसानी और सुरक्षित तरीके से कुछ ही मिनटों में जरूरी आदानों का इससे छिड़काव किया जा सकता है. इससे न सिर्फ लागत में कमी आएगी, बल्कि समय की भी बचत होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि सही समय पर खेतों में कीटनाशक का इस्तेमाल किया जा सकेगा. (Image- Pixabay)
3/6सरकार ने देश के किसानों को एग्री ड्रोन (Agri Drone) खरीदने के लिए किसान ड्रोन योजना (Kisan Drone Yojana) की शुरुआत की है. इस योजना के जरिए किसानों को ड्रोन खरीदने के लिए अलग-अलग अनुदान (Subsidy) दिया जाएगा. (Image- Pixabay)
4/6योजना के तहत खेती के लिए खरीदे गए ड्रोन पर अलग-अलग क्षेत्रों और वर्गों के किसानों को अलग-अलग प्रकार से अनुदान देने की सिफारिश. इस योजना के तहत किसानों को खेती-किसानी के लिए ड्रोन खरीदने पर अनुदान का प्रावधान है. (Image- Pixabay)
5/6इन अनुदान में एससी, एसटी, छोटे और मझोले, महिलाओं और पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों को 50% या अधिकतम 5 लाख रुपये तक प्रावधान है. देश के अन्य किसानों को 40% या अधिकतम 4 लाख रुपये तक का और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को 75% तक का अनुदान. (Image- Pixabay)
6/6जमीन का मूल्यांकन, रसायनों के अत्यधिक प्रयोग से बचाव, पशुधन प्रबंधन, मौसम की निगरानी, पौध रोगों की समय रहते जानकारी, मिट्टी और क्षेत्र का विश्लेषण. (Image- Freepik)