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(Image- Freepik)
Kisan Drone: डीसी कोठारी ग्रुप की कंपनी कोठारी इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन लिमिटेड (KICL) ने खेती के काम में ड्रोन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के लिए एक अलग ड्रोन यूनिट बनाई है. कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस अलग यूनिट पर अगले कुछ वर्षों में 150 करोड़ रुपये से अधिक निवेश किए जाने की संभावना है.
शुरुआती दौर में ड्रोन यूनिट खेतों में नैनो-यूरिया (Nano-Urea) के सटीक ढंग से छिड़काव के लिए ड्रोन (Drone) का बेड़ा तैनात करेगी. इसका परिचालन मुख्य रूप से तमिलना़डु के खेतों में किया जाएगा.
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कोठारी इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक जिन्ना रफीक अहमद ने कहा, हम अब एक ऐसे सफर पर निकले हैं जो इनोवेशन व पर्यावरण अनुकूल उपायों का मेल बिठाने के साथ कृषि क्षेत्र में नई जान फूंकने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है.
कंपनी की आगे चलकर स्वदेशी ड्रोन पेश करने की भी योजना है. इन्हें कंपनी के भीतर ही डिजाइन, विकसित और निर्मित किया जाएगा. इसके अलावा खनन, शहरी मानचित्रण, बंदरगाहों और जलमार्गों जैसे अन्य क्षेत्रों में भी ड्रोन सेवा का विस्तार करने की योजना है.