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(Image- Freepik)
Subsidy on Agricultural Machinery: खेती के लिए कृषि यंत्रों (Agricultural Machinery) की जरूरत समय की मांग है. यह शारीरिक श्रम और कार्यभार को कम करता है और उत्पादन को बढ़ाता है. जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होती है. कई किसान कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से महंगे कृषि यंत्र नहीं खरीद पाते हैं. ऐसे में सरकार की ओर से किसानों को सब्सिडी (subsidy) दी जाती है. सरकार का उद्देश्य प्रत्येक किसानों तक कृषि यंत्रों की पहुंच बनाना है. इसी कड़ी में, हरियाणा सरकार किसानों को भारी सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध करा रही है. जो किसान सब्सिडी पर कृषि यंत्र खरीदना चाहते हैं वे आवेदन करके सरकारी सब्सिडी का फायदा उठा सकते हैं.
हरियाणा कृषि विभाग के मुताबिक, स्मैम व एन.एफ.एस.एम स्कीम के तहत कृषि यंत्रों के लिए आवेदन मंगाए गए हैं. ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 15 जनवरी 2024 है. मशीनों की खरीद पर 40-50% सब्सिडी मिलेगी. रोटावेटर, आलू बिजाई मशीन तथा ट्रेक्टर चालित पॉवर विडर पर भी अनुदान दिया जाएगा.
लाभार्थियों का चयन लॉटरी के माध्यम से सम्बन्धित उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति द्वारा किया जाएगा. एक किसान अधिकतम दो अलग-अलग प्रकार के कृषि यंत्र के लिए अनुदान का पात्र होगा. चयन के बाद किसान कृषि यंत्र निर्माताओं से मोल भाव कर अपनी पसंद के निर्माता से खरीद कर सकते हैं. कृषि यंत्र निर्माता स्कीम में मशीनों की आपूर्ति हेतु पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाएं.
अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नं० 1800-180-2117 या वेबसाइट http://agriharyana.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है. लाभार्थियों का चयन लॉटरी के माध्यम से सम्बन्धित उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति द्वारा किया जाएगा. एक किसान अधिकतम दो विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्र के लिए अनुदान का पात्र होगा.
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