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PSU Banks: सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंक और एक इंटरनेशनल बैंक पर रिजर्व बैंक की गाज गिरी. शुक्रवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इन तीनों बैंक पर करोड़ों का जुर्माना लगाया. जुर्माने की कुल राशि 10.34 करोड़ रुपए है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा पर 4.34 करोड़, इंडियन ओवरसीज बैंक पर 1 करोड़ और Citibank पर 5 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई गई. इस हफ्ते इंडियन ओवरसीज बैंक का शेयर 39.30 रुपए (Indian Overseas Bank Share Price) और बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर 193 रुपए (Bank of Baroda Share Price) पर बंद हुआ. मंगलवार को बाजार खुलने पर यहां इसका असर दिख सकता है.
आरबीआई की तरफ से जारी प्रेस नोट के मुताबिक बैंक ऑफ बड़ौदा पर सेंट्रल रिपोजिटरी के गठन और अन्य मामलों से जुड़े कुछ निर्देशों के उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया गया है. इसके अलावा, चेन्नई स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक पर कर्ज संबंधित निर्देशों के उल्लंघन के लिए एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया. रिजर्व बैंक ने तीनों मामलों के बारे में कहा कि जुर्माना नियामक अनुपालन में हुई कमियों पर आधारित है. इसका उद्देश्य बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता को प्रभावित करना नहीं है.
रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता निधि योजना से संबंधित मानदंडों और वित्तीय सेवाओं की आउटसोर्सिंग पर आचार संहिता का पालन नहीं करने के लिए सिटीबैंक एनए (Citibank NA) पर सबसे अधिक पांच करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है.
इसके अलावा RBI ने खराब संचालन मानकों के कारण अभ्युदय सहकारी बैंक के निदेशक मंडल को एक साल के लिए निलंबित (Supersession of Board of Directors of Abhyudaya Cooperative Bank) कर दिया. इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने सहकारी बैंक के प्रबंधन के लिए एक प्रशासक नियुक्त किया है. रिजर्व बैंक ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक सत्य प्रकाश पाठक को एक साल के लिए मुंबई स्थित बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है. साथ ही प्रशासक की सहायता के लिए सलाहकारों की एक समिति भी नियुक्त की गई है. रिजर्व बैंक ने अभ्युदय सहकारी बैंक पर कोई व्यावसायिक प्रतिबंध नहीं लगाया है और बैंक प्रशासक के मार्गदर्शन में अपनी सामान्य बैंकिंग गतिविधियां जारी रखेगा.
(भाषा इनपुट के साथ)