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IFCI Equity Infusion: सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी आईएफसीआई लि. ने सोमवार को कहा कि सरकार को तरजीही आधार पर इक्विटी शेयर जारी करने से उसे 500 करोड़ रुपये की पूंजी मिली है. इसके बाद कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी बढ़ गई है. कंपनी ने अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है. आईएफसीआई लिमिटेड की स्थापना एक जुलाई,1948 को देश के पहले विकास वित्तीय संस्थान के रूप में की गई थी.
आईएफसीआई ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसने भारत सरकार को 12,39,77,188 शेयरों का आवंटन तरजीही आधार पर 18 अप्रैल को किया है. पूंजीकरण के बाद देश के सबसे पुराने वित्तीय संस्थान आईएफसीआई में सरकार की हिस्सेदारी 70.32 प्रतिशत से बढ़कर 71.72 प्रतिशत हो गई है. गौरतलब है कि सरकार ने वर्ष 2022 में भी दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा वित्त प्रदाता आईएफसीआई लिमिटेड में 100 करोड़ रुपये का निवेश किया था.
आईएफसीआई को आरबीआई के सीआरआर या एसएलआर के माध्यम से कम लागत वाले फंड तक पहुंच दी गई है. इसके परिणामस्वरूप यह उधार लेने वाले कॉर्पोरेट को रियायती दरों पर ऋण देता है. बड़ी परियोजनाएं जैसे जीएमआर गोवा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट, सालासर हाईवेज, एनआरएसएस ट्रांसमिशन, रायचूर पावर कारपोरेशन जैसी कुछ परियोजनाओं की स्थापना के लिए आईएफसीआई द्वारा वित्तीय मदद उपलब्ध कराई गई.
IFCI इस समय बीएसई तथा एनएसई में लिस्टेड है. आईएफसीआई अपने अधीन 6 सहायक कम्पनियों और एक सहयोगी कंपनी का प्रबन्धन करती है. IFCI का शेयर सोमवार को 2.18 फीसदी चढ़कर 42.20 रुपए पर बंद हुआ है. कंपनी का 52 हफ्ते का हाई 71.80 रुपए और 52 हफ्ते का लो 10.30 रुपए है. कंपनी के शेयर ने निवेशकों को पिछले छह महीने में 98.12 फीसदी और एक साल में 296.24 फीसदी का रिटर्न दिया है. IFCI का मार्केट कैप 10.46 हजार करोड़ रुपए है.
न्यूज एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ