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Top-up Home Loan Vs Personal Loan: अगर आपने होम लोन ले रखा है और आपको किसी दूसरे काम के लिए पैसों की जरूरत है और आप इसके लिए पर्सनल लोन लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको एक बार टॉप अप लोन के बारे में जरूर जान लेना चाहिए. इसे आप अपने होम लोन पर टॉप अप करवा सकते हैं. टॉप अप लोन एक तरह का पर्सनल लोन ही होता है, लेकिन ये आपको पर्सनल लोन की तुलना में सस्ते ब्याज दरों पर मिल जाता है.
पर्सनल लोन आमतौर पर करीब 11 से 15% सालाना दर पर मिलता है, जबकि टॉप-अप होम लोन करीब 9 से 12% सालाना ब्याज दर पर मिल सकता है. इसके अलावा इसमें आपको टेन्योर भी अच्छा खासा मिल जाता है. ऐसे में आप लोन की किस्तों को बहुत आसानी से चुका सकते हैं. यहां जानिए टॉप अप होम लोन (Top-up Home Loan) से जुड़ी जरूरी जानकारी.
टॉप-अप होम लोन पर आपको रीपेमेंट के लिए अच्छी खासी अवधि मिल जाती है. टॉप-अप लोन के रीपेमेंट अवधि होमलोन रीपेमेंट के टेन्योर जितनी भी हो सकती है. SBI की वेबसाइट के मुताबिक टॉप-अप होम लोन अधिकतम 30 सालों तक के लिए लिया जा सकता है. आप टॉप लोन का इस्तेमाल घर की मरम्मत, बच्चों की पढ़ाई, बेटी की शादी या किसी अन्य काम के लिए किया जा सकता है. अगर आप इसे सिर्फ होम कंस्ट्रक्शन और रेनोवेशन के लिए उपयोग करते हैं तो टैक्स छूट का लाभ भी उठाया जा सकता है.
टॉप अप लोन देने से पहले बैंक आपके लोन की किस्त के पेमेंट का रिकॉर्ड देखते हैं. ईएमआई के भुगतान से जुड़ा रिकॉर्ड दुरुस्त होने पर आपको टॉप अप लोन आसानी से मिल जाता है. इसके अलावा होम लोन की कुल रकम और आपकी प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू का हिसाब लगाया जाता है. टॉप अप होम लोन की कुल रकम आपकी प्रॉपर्टी के मार्केट रेट के 70% तक हो सकती है. हालांकि इस मामले में तमाम बैंकों के नियम अलग-अलग हो सकते हैं.
जिस बैंक से आपने होम लोन लिया हुआ है, उस बैंक में विजिट करके या बैंक की वेबसाइट के जरिए आप टॉप अप लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं. चूंकि टॉप अप आपके होम लोन पर मिलता है, इसलिए लोन लेने के बाद आपको होम लोन के भुगतान के साथ-साथ टॉप अप लोन की मासिक किस्तों का भुगतान भी करना होता है.