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31 जनवरी से हड़ताल से बैंक कामकाज प्रभावित होगा. (Dna)
अगर आपने बैंक (Bank) से जुड़ा कोई जरूरी काम 31 जनवरी को प्लान कर रखा है तो उसे पहले ही निपटा लें. क्योंकि बैंकरों के संगठनों ने सैलरी बढ़ोरती की मांग को लेकर 31 जनवरी से दो दिन की हड़ताल की चेतावनी दी है. उसके अगले दिन रविवार है, इस तरह बैंक 3 दिन बंद रहेंगे. इस बीच, देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समेत कई बैंकों ने ग्राहकों को अलर्ट किया है कि 31 जनवरी से दो दिन की देशव्यापी हड़ताल से कामकाज प्रभावित होगा. अगर हड़ताल होती है, तो यह बजट सत्र शुरू होने के साथ होगी. 2020-21 का बजट एक फरवरी 2020 को पेश किया जाएगा.
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कहा है कि 31 जनवरी से शुरू हो रहे दो दिन की हड़ताल से उसके परिचालन पर कुछ असर पड़ सकता है. बैंक ने बीएसई को बताया कि उसने सभी दफ्तरों और शाखाओं का सामान्य परिचालन सुनिश्चित करने के हरसंभव उपाय किए हैं.
बैंक ने कहा, ‘‘हालांकि सभी दफ्तरों और शाखाओं का सामान्य ऑपरेशन बनाए रखने के उपाय किए गए हैं, हड़ताल से ऑपरेशन पर आंशिक असर पड़ सकता है. उल्लेखनीय है कि बैंक कर्मचारियों के संगठनों ने सैलरी बढ़ाने को लेकर बातचीत असफल होने के बाद 31 जनवरी और एक फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल बुलाई है.
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UBFU) ने इस हड़ताल का आह्वान किया है. यह ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स कान्फेडरेशन (AIBOC), ऑल इंडिया बैंक एम्प्लायज एसोसिएशन (AIBEA) और नेशनल आर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स समेत 9 कर्मचारी संगठनों का निकाय है.
AIBOC के अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि मुख्य श्रम आयुक्त के साथ बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका था. इसीलिए कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल नोटिस को वापस नहीं लिया है. बैंक कर्मचारियों के वेतन संशोधन का मामला नवंबर 2017 से लंबित है.
AIBEA के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने एक बयान में कहा कि भारतीय बैंक संघ (IBA) की ओर से कोई श्योरिटी नहीं जताई गई है. इसके कारण हड़ताल को लेकर दिया गया नोटिस कायम है.
उन्होंने कहा कि IBA के अड़ियल रुख के कारण हमारे पास हड़ताल पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. हड़ताल के कारण कामकाज प्रभावित होगा. इसको देखते हुए बैंक ग्राहकों से सहयोग की अपील करते हैं. लेकिन इसे हम पर बैंक प्रबंधन और आईबीए ने थोपा है.