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आरबीआई जुलाई-जून वित्तीय वर्ष को फॉलो करता है. (रॉयटर्स)
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के बोर्ड की आज बैठक हो रही है जिसमें सालाना खाते को अंतिम रूप दिया जा जाएगा. उम्मीद है कि इस बैठक में केंद्रीय बैंक के आर्थिक पूंजी फ्रेमवर्क (ईसीएफ) और सरकार को लाभांश का ट्रांसफर किए जाने के संबंध में जालान समिति की सिफारिश पर विचार किया जा सकता है. यह जानकारी सूत्रों ने दी है. जालान समिति ने शुक्रवार को आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी.
रिपोर्ट में केंद्रीय बैंक की रिजर्व्स (आरक्षित निधि) सरप्लस का ट्रांसफर सरकार को पूर्वनिर्धारित फॉर्मूले के आधार पर तीन से पांच साल में चरणबद्ध तरीके से किए जाने की सिफारिश की गई है. इसे बाद में आरबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जा सकता है.

(रॉयटर्स)
आरबीआई जुलाई-जून वित्तीय वर्ष को फॉलो करता है और सालाना खाते को अंतिम रूप दिए जाने के बाद लाभांश (डिविडेंड) का वितरण अक्सर अगस्त में किया जाता है. वित्तवर्ष 2020 के लिए सरकार ने आरबीआई से 9,000 करोड़ रुपये लाभांश का अनुमान लगाया है. सूत्रों ने पहले बताया था कि आरबीआई जालान समिति की रिपोर्ट के आधार पर इस वर्ष अधिशेष की पहली किस्त का हस्तांतरण शुरू कर सकता है.