MCLR Rates: सरकारी बैंक साउथ इंडियन बैंक (South Indian Bank) ने लोन की ब्याज दरों (Interest Rate) में बढ़ोतरी कर दी है. बैंक ने कई अवधि के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में 5 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ोतरी की है. रिवाइज्ड एमसीएलआर दरें (MCLR Rates) 20 अक्टूबर 2024 से लागू होंगी.
1/5इससे बैंक के ज्यादातर कंज्यूमर लोन (Consumer Loan) महंगे हो जाएंगे. यानी अब आपको साउथ इंडियन बैंक से लोन लेना महंगा पड़ेगा. आपको पहले की तुलना में अधिक ब्याज चुकाना पड़ेगा.
2/5साउथ इंडियन बैंक ने एक नियामकीय सूचना में कहा कि एक दिन के लोन के लिए MCLR को 7.90% से बढ़ाकर 7.95% किया गया है. एक महीने की एमसीएलआर 8.55% से बढ़कर 8.60%, 3 महीने की MCLR 9.85% से बढ़कर 9.90%, 6 महीने की एमसीएलआर 9.90% से बढ़कर 9.95% और एक साल की अवधि की एमसीएलआर को 10% से बढ़ाकर 10.05% किया गया है.
3/5MCLR वह न्यूनतम दर होती है जिसके नीचे कोई भी बैंक ग्राहकों को लोन नहीं दे सकता है. दरअसल जब आप किसी बैंक से लोन लेते हैं तो बैंक द्वारा लिए जाने वाले ब्याज की न्यूनतम दर को आधार दर कहा जाता है. अब इसी आधार दर की जगह पर बैंक MCLR का इस्तेमाल कर रहे हैं.
4/5MCLR न्यूनतम दर है, ऐसे में ये साफ है कि बैंक इसके रेट के नीचे ग्राहकों को लोन नहीं दे सकते यानी MCLR जितना बढ़ेगा, लोन पर ब्याज भी उतना ही ऊपर जाएगा. ऐसे में मार्जिनल कॉस्ट से जुड़े लोन जैसे- होम लोन, व्हीकल लोन आदि पर ब्याज दरें बढ़ जाएंगी.
5/5हालांकि ऐसा नहीं है कि MCLR बढ़ते ही अगले महीने से आपकी ईएमआई भी बढ़ जाएगी. यहां पर गौर करने वाली बात ये है कि MCLR रेट बढ़ने पर आपके लोन पर ब्याज दरें तुरंत नहीं बढ़ती हैं. लोन लेने वालों की EMI रीसेट डेट पर ही आगे बढ़ती है.