चीन में कोरोना वायरस (corona virus) का कहर जारी है. भारत से चीन जाने और वहां से आने के लिए जिन लोगों ने टिकट बुक की थी उनके लिए एयरइंडिया के बाद अब स्पाइस जेट भी बड़ी राहत का ऐलान किया है.
1/5जिन लोगों ने 24 जनवरी से 24 फरवरी 2020 तक बजट एयरलाइंस स्पाइस जेट की हांगकांग की फ्लाइट का टिकट बुक कराया था उनके टिकट कैंसिल कराने पर किसी भी तरह का कैंसिलेशन चार्ज नहीं लेने की बात कही है.
2/5कुछ दिनों पहले एयर इंडिया (Air India) ने चीन जाने या वहां से आने वाली फ्लाइटों के टिकट कैंसिल करने पर कोई भी पेनल्टी चार्ज या कैंसिलेशन चार्ज न लेने की बात कही है. ये सुविधा सिर्फ 24.01.2020 से 24.02.2020 के बीच बुक हुए टिकटों पर ही मिलेगी.
3/5एयर इंडिया और स्पाइसजेट दोनों की एयरलाइंस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक टिकट कैंसिल कराने पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा लेकिन अगर कोई यात्री अगर दुबारा से किसी और तारीख के लिए टिकटों की बुकिंग करता है तो उसे किराए में आया अंतर देना होगा. ये व्यवस्था सभी इंटरनेशनल टिकट पर लागू होगी.
4/5चीन के बाहर थाईलैंड में पांच मामले, ऑस्ट्रेलिया में चार, ताईवान, सिंगापुर, मलेशिया और फ्रांस में तीन-तीन और जापान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, वियतनाम में दो-दो तथा नेपाल में कोरोना वायरस के एक मामले की पुष्टि हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, कोरोना वायरस के मरीज को जुकाम के साथ-साथ बुखार और थकान, सूखी खांसी और सांस लेने में परेशानी होती है.
5/5चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस सप्ताह लगातार चार दिनों तक कच्चे तेल के दाम पर दबाव बना रहा और इन चार दिनों में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम करीब पांच डॉलर प्रति बैरल टूट गया है. ब्रेंट क्रूड का भाव शुक्रवार को करीब सात सप्ताह के निचले स्तर तक टूट गया. चीन दुनिया में कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है, जहां कोरोना वायरस का प्रकोप होने के कारण कई शहरों में सार्वजनिक परिवहन बंद कर दिया गया है. लिहाजा, चीन की ओर से कच्चे तेल की मांग में नरमी आने के कारण बीते कारोबारी सप्ताह तेल के दाम पर भारी दबाव बना रहा. अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (ICE) पर शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड का मार्च अनुबंध पिछले सत्र के मुकाबले 2.29 फीसदी की कमजोरी के साथ 60.62 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि कारोबार के दौरान तेल का दाम 60.26 डॉलर प्रति बैरल तक गिरा, जोकि तीन दिसंबर, 2019 के बाद का सबसे निचला स्तर है, जब ब्रेंट क्रूड का भाव 60.30 डॉलर प्रति बैरल तक गिरा था.