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जेट ऐयरवेज ने 30 अप्रैल तक कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द किया (फाइल फोटो)
देश की बजट विमानन कंपनी जेट ऐयरवेज बड़े आर्थिक संकट से जूझ रही है. इस आर्थिक संकट के चलते विमानन कंपनी की सेवाएं आए दिन प्रभावित हो रही हैं. जेट एयरवेज ने अप्रैल के अंत तक 13 अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर अपनी उड़ानों को रद्द करने का निर्णय लिया है. इन उड़ानो के अलावा सात अन्य अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानों के फेरों में भी कमी की गई है. जिन उड़ानों को रद्द किया गया है उनमें ज्यादातर दिल्ली और मुंबई से अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक जाने वाली उड़ानें हैं.
इन मार्गों पर उड़ानें प्रभावित
विमानन कंपनी ने जिन उड़ानों को अस्थाई तौर पर रद्द किया है उनमें पुणे से सिंगापुर और पुणे से अबू धाबी की उड़ानें भी शामिल हैं. गौरतलब है कि कि जेट ऐयरवेज पहले भी मुंबई-मैनचेस्टर मार्ग पर अपनी उड़ानों को रद्द करने की घोषणा कर चुका है.
उड़ानों की संख्या में लगातार गिरावट
आर्थिक संकट व अब तक राहत पैकेज (बेलआउट) नहीं मिलने से नरेश गोयल के नियंत्रण वाली एयरलाइन अपने 600 दैनिक उड़ान परिचालन को घटाकर चौथाई स्तर पर आ चुकी है. जेट एयरवेज के 119 विमानों के बेड़े में मात्र 33 फीसदी ही परिचालन में हैं. जेट एयरवेज ने हाल ही में दिल्ली से अबू धाबी ,दिल्ली से दम्माम , दिल्ली से ढाका , हांगकांग और रियाद को जाने वाली उड़ानें भी रद्द की हैं.